शिमला। हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आने वाला है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने IGMC शिमला में हुए वार्षिक समारोह स्टीमुलस के दौरान डॉक्टरों और PG छात्रों के लिए नई इंसेंटिव पॉलिसी की घोषणा कर दी है। इससे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हजारों छात्रों और सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को सीधा फायदा मिलेगा।
PG छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
सीएम सुक्खू ने घोषणा की कि अगले बजट में PG रेजिडेंट डॉक्टर्स की स्टाइपेंड बढ़ाई जाएगी।
- पहला वर्ष – 50,000 रुपये प्रति माह
- दूसरा वर्ष – 60,000 रुपये प्रति माह
- तीसरा वर्ष – 65,000 रुपये प्रति माह
उन्होंने कहा कि यह फैसले युवा डॉक्टरों को प्रोत्साहन देंगे और स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
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IGMC को बड़ा बजट
समारोह में मुख्यमंत्री ने IGMC और अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए कई बड़े ऐलान किए
- IGMC में लैप्रोस्कोप के लिए 5 करोड़ रुपये
- एनेस्थीसिया विभाग को 6 करोड़ रुपये
- नए छात्रावास के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज करने के आदेश
- स्त्री रोग विभाग को KNH से IGMC स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश
पांच मेडिकल कॉलेजों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर
सीएम ने IGMC, AIIMS चमियाणा, टांडा, नेरचौक और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 5-5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। यह हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई छलांग माना जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेजों में लगेगी स्मार्ट लैब
सरकार ने IGMC, TMC और AIIMS चमियाणा में 75 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट लैब स्थापित करने की मंजूरी दी है। इससे टेस्ट, डायग्नोसिस और शोध कार्य और मजबूत होंगे।
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राज्य में शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। यह प्रदेश को आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक की दिशा में आगे ले जाएगा। सरकार अब तक 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा स्वास्थ्य अधोसंरचना पर खर्च कर चुकी है।
