शिमला। हिमाचल प्रदेश में गर्मियों के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने के लिए जल शक्ति विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल पानी की कमी वाले क्षेत्रों में नए पानी के कनेक्शन जारी नहीं किए जाएंगे- ताकि मौजूदा उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
नहीं लगेंगे नए पानी के कनेक्शन
इस साल सर्दियों में अपेक्षित बारिश और बर्फबारी न होने के कारण जल स्रोतों पर दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में पानी की कमी के संकेत मिलने लगे हैं, जिसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
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क्यों लिया गया ऐसा फैसला?
इसी के तहत प्रदेश मुख्यालय से सभी अधिकारियों को हर सप्ताह पेयजल स्थिति की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड स्तर पर निगरानी को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।
जलशक्ति विभाग का बड़ा फैसला
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल अत्यंत आवश्यक स्थिति में ही अवकाश दिया जाएगा और उस दौरान भी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेयजल योजनाओं की लगातार निगरानी करें और जहां भी पाइपलाइन में लीकेज हो, उसे तुरंत दुरुस्त करें।
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काट दिया जाएगा कनेक्शन
पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अगर कोई उपभोक्ता पेयजल का उपयोग गैर-जरूरी कार्यों में करता पाया जाता है, तो उसका कनेक्शन काटा जा सकता है।
एक बूंद भी ना हो बर्बाद
जल शक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा ने कहा है कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए गंभीरता से काम करें। आम लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
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हर हफ्ते देनी होगी रिपोर्ट
इसके अलावा, पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए विभाग ने नोडल अधिकारी की तैनाती भी की है। अधीक्षण, अधिशाषी और सहायक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में हालात पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। हर हफ्ते के लिए रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू होने से मुख्यालय को समय पर जानकारी मिल सकेगी और किसी भी संभावित जल संकट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
