मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की बल्ह घाटी को यूं ही प्रदेश का 'मिनी पंजाब' नहीं कहा जाता। यहां इस साल टमाटर की बंपर पैदावार हुई है। अच्छी फसल और बेहतर दाम मिलने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। इस सीजन में अब तक बल्ह घाटी से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के टमाटरों का कारोबार हो चुका है। हालांकि टमाटर का सीजन अब आखिरी दौर में पहुंच गया है, लेकिन अभी भी खेतों में काफी फसल तैयार है, जिसे रोजाना अलग-अलग मंडियों में भेजा जा रहा है।
खेतों से ही खरीद रहे बाहरी राज्यों के व्यापारी
इस बार बाहरी राज्यों से आए व्यापारियों ने किसानों के खेतों से ही टमाटर की फसल खरीद ली। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा। अच्छी मांग और बेहतर दाम मिलने से किसानों की आमदनी भी बढ़ी है। किसानों का कहना है कि इस बार टमाटर की फसल ने उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में काफी मदद की है।
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एक किसान को टमाटर की फसल से हुआ 10 लाख रुपये तक का मुनाफा
बल्ह घाटी के किसान विनय सैनी ने बताया कि इस बार टमाटर का सीजन काफी अच्छा रहा है। उन्हें टमाटर की फसल से करीब 10 लाख रुपये तक का मुनाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस साल टमाटर के अच्छे दाम मिलने से किसानों को काफी फायदा हुआ है। देर से हुई बारिश का भी फसल को लाभ मिला, जिससे पैदावार अच्छी रही।
बिचौलियों से किसानों की सबसे बड़ी परेशानी
विनय सैनी ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी परेशानी बिचौलियों को लेकर है। उनका कहना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों और किसानों के बीच बिचौलिए मोलभाव करते हैं। कई बार किसान अपनी फसल कम दामों में बेचने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बिचौलियों को लेकर कोई ठोस नीति बनाई जाए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिल सके।
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साढ़े 9 लाख रुपये में बिकी किसान की टमाटर की फसल
किसान प्रेम सिंह ने बताया कि इस साल उनकी टमाटर की फसल काफी अच्छी रही। उन्होंने बताया कि उनकी फसल करीब साढ़े 9 लाख रुपये में बिकी है। प्रेम सिंह के अनुसार, आमतौर पर बारिश टमाटर की फसल को काफी नुकसान पहुंचाती है, लेकिन इस बार बारिश देर से हुई। इससे फसल को फायदा मिला और पैदावार भी बेहतर रही।
बिचौलियों के कारण किसानों को नहीं मिल पाता पूरा दाम
प्रेम सिंह ने कहा कि किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी बिचौलियों से होती है। उनका आरोप है कि बिचौलिए किसानों से कम दामों में टमाटर खरीदकर बाहरी व्यापारियों को ज्यादा दामों में बेचते हैं।
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इससे किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल पाता। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कृषि उपज की बिक्री में बिचौलियों की भूमिका कम की जाए, ताकि किसानों को सीधे उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
1,500 हेक्टेयर भूमि पर हुई टमाटर की खेती
जिला APMC मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया ने बताया कि बल्ह घाटी अपनी उपजाऊ जमीन और टमाटर की बंपर खेती के लिए पूरे हिमाचल में मशहूर है। इस साल करीब 1,500 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती की गई। अब तक यहां से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।
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पिछले साल से बेहतर रहा कारोबार
संजीव गुलेरिया ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार टमाटर का कारोबार बेहतर रहा है। किसानों को टमाटर की एक क्रेट के 250 से 500 रुपये तक दाम मिले हैं। अच्छी पैदावार और बेहतर कीमतों के चलते इस साल बल्ह घाटी के टमाटर किसानों को काफी फायदा हुआ है।
