#विविध
July 27, 2026
हिमाचल शिक्षा विभाग का अनोखा ट्रांसफर : जहां एक भी छात्र नहीं, वहां भेजा टीचर- उठे सवाल
जिस स्कूल में शिक्षक की जरूरत थी, वहीं से कर दिया तबादला
शेयर करें:

शिमला। जहां पढ़ने वाले विद्यार्थी हैं, वहां टीचर नहीं हैं और जहां टीचर मौजूद हैं, वहां पढ़ने वाले विद्यार्थी ही नहीं हैं। शिक्षा विभाग के ऐसे ही एक अजीब फैसले का मामला जिला शिमला से सामने आया है। यहां शारीरिक शिक्षा विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्कूल टीचर का तबादला ऐसी जगह कर दिया गया, जहां इस विषय का एक भी विद्यार्थी नहीं है। विभाग के इस फैसले पर अब सवाल उठ रहे हैं।
मामला जिला शिमला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झगटान जुब्बल उपमंडल के दूरदराज क्षेत्र से सामने आया है। स्कूल पहले ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में शारीरिक शिक्षा के शिक्षक का शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादला किए जाने से स्कूल की परेशानी और बढ़ गई है।
स्कूल में शारीरिक शिक्षा विषय पढ़ने वाले तीन विद्यार्थी हैं। शिक्षक के तबादले के बाद इन विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति का कहना है कि जब झगटान स्कूल में इस विषय के विद्यार्थी हैं, तो वहां से शिक्षक को हटाकर ऐसे स्कूल भेजना समझ से परे है, जहां इस विषय का एक भी विद्यार्थी नहीं है।
शिक्षा विभाग ने शारीरिक शिक्षक का तबादला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुड्डू में किया है। स्कूल प्रबंधन समिति के अनुसार, कुड्डू स्कूल में शारीरिक शिक्षा विषय पढ़ने वाला कोई विद्यार्थी नहीं है।
ऐसे में समिति का सवाल है कि जिस स्कूल में इस विषय के बच्चे ही नहीं हैं, वहां शिक्षक की नियुक्ति करने का क्या फायदा है? वहीं, जिस स्कूल में तीन विद्यार्थी इस विषय की पढ़ाई कर रहे हैं, वहां से शिक्षक को हटा दिया गया।
झगटान स्कूल पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। यहां प्रधानाचार्य और टीजीटी मेडिकल के पद दिसंबर 2025 से खाली हैं। इसके अलावा टीजीटी आर्ट्स का पद भी लंबे समय से रिक्त चल रहा है।
स्कूल में करीब 32 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन समिति का कहना है कि शिक्षकों की कमी के बीच एक और शिक्षक का तबादला करना विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए नुकसानदायक है।
स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग के इस फैसले पर नाराजगी जताई है। समिति का कहना है कि शिक्षक का तबादला शैक्षणिक सत्र के बीच में किया गया है।
इससे सबसे ज्यादा नुकसान विद्यार्थियों को हो रहा है। समिति ने मांग की है कि शारीरिक शिक्षक को दोबारा झगटान स्कूल में नियुक्त किया जाए, ताकि तीनों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी शिक्षा मंत्री को भी दी गई है। उन्होंने मांग की है कि शिक्षक का तबादला रद्द कर उन्हें वापस झगटान स्कूल में नियुक्त किया जाए।
उनका कहना है कि अगर शिक्षक को वापस भेजा जाता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सकेगी और शैक्षणिक सत्र के बीच में बच्चों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
उप शिक्षा निदेशक लेखराज भारद्वाज ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।