शिमला। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की खरीद को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब सरकारी विभागों, निर्माण इकाइयों, परिवहन सेवाओं और निजी संस्थानों को ईंधन लेने के लिए तुरंत नकद या अग्रिम भुगतान करना होगा।
अब उधार पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने पूरे प्रदेश में क्रेडिट सुविधा पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है। यह नई व्यवस्था आगामी सोमवार से प्रभावी हो जाएगी। इस निर्णय के बाद पेट्रोल पंपों से अब किसी भी विभाग, ठेकेदार या निजी संस्था को उधार पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। सभी को मौके पर ही भुगतान करना होगा।
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क्यों लिया गया ये फैसला?
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुकुमार सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और वैश्विक बाजार में अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके चलते तेल कंपनियों को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
नहीं मिलेगा उधार में तेल
उन्होंने बताया कि पहले तेल कंपनियां डीलरों को दो से चार दिनों की उधार सुविधा देती थीं। इसी आधार पर डीलर भी कई संस्थानों और बड़े उपभोक्ताओं को क्रेडिट पर ईंधन उपलब्ध कराते थे। लेकिन अब कंपनियों ने यह सुविधा बंद कर दी है और कैश एंड कैरी मॉडल लागू कर दिया है।
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अब डीलरों को पहले करना होगा भुगतान
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप संचालकों को तेल का स्टॉक उठाने से पहले ही पूरा भुगतान करना होगा। यानी कंपनियों से ईंधन लेने के लिए डीलरों को अग्रिम राशि जमा करनी पड़ेगी।
इस वजह से डीलरों ने भी ये फैसला लिया है कि वे आगे किसी भी ग्राहक या संस्था को उधार पर पेट्रोल या डीजल नहीं देंगे। उनका कहना है कि अगर वे ऐसा करते हैं तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कई चीजों पड़ सकता है असर
क्रेडिट सुविधा बंद होने का सीधा असर प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों पर पड़ सकता है। सड़क निर्माण, जल शक्ति विभाग की परियोजनाएं, निर्माण इकाइयां और परिवहन सेवाएं बड़े पैमाने पर डीजल पर निर्भर रहती हैं।
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बढ़ सकता है आर्थिक दबाव
अगर इन विभागों ने समय रहते नकद भुगतान की व्यवस्था नहीं की, तो कई परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे छोटे ठेकेदारों और व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है।
विभागों और संस्थानों को दी गई सलाह
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सभी सरकारी विभागों, निर्माण एजेंसियों और निजी संस्थानों से अपील की है कि वे सोमवार से पहले अपनी बैंकिंग और भुगतान से जुड़ी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। एसोसिएशन का कहना है कि समय पर भुगतान होने से ही ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रह सकेगी और किसी प्रकार की रुकावट से बचा जा सकेगा।
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बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही बाधाओं के कारण आने वाले समय में ईंधन बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में फिलहाल कैश भुगतान की व्यवस्था ही डीलरों और कंपनियों के लिए सुरक्षित विकल्प बन गई है।
