#यूटिलिटी
May 29, 2026
हिमाचल: गर्मी में बारिश से मिली राहत, ओलावृष्टि ने मचाई तबाही; कल 10 जिलों में बरसेगी आफत- अलर्ट जारी
प्रदेश के कई इलाकों में जमकर बरसे ओलेए सेब.प्लम.नाशपाती की फसल को नुकसान
शेयर करें:

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दिला दी, लेकिन दूसरी ओर तेज आंधी, बारिश और भारी ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को जमकर ओलावृष्टि हुई, जिससे सेब, प्लम, नाशपाती और अन्य फलदार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
राजधानी शिमला समेत कई जिलों में देर शाम मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन बागवानों की मेहनत पर मौसम की मार पड़ गई।
शिमला जिला के रोहड़ू, खड़ापत्थर, शरोंथा, थ्रोला और रामपुर की नोग घाटी सहित कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। ओलों की मार से सेब के दानों पर दाग पड़ गए, जबकि कई जगहों पर बगीचों में लगाए गए एंटी हेल नेट भी क्षतिग्रस्त हो गए। बागवानों का कहना है कि फ्लावरिंग के समय भी ओलावृष्टि हुई थी और अब दोबारा पड़े ओलों ने फलों को नुकसान पहुंचाया है। इससे इस साल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: दो सगे भाई एक साथ हुए भर्ती... साथ रिटायर, अब 2 माह में एक जैसी मौ*त; मां ने खोए फौजी बेटे
कुल्लू जिला की ऊझी घाटी के डोभी, दुआड़ा, डोहलूनाला और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। महज कुछ मिनट की ओलावृष्टि ने प्लम, नाशपाती और सेब की फसलों को नुकसान पहुंचा दिया। वहीं मंडी जिला के करसोग, कोटली, सरकाघाट और सुजानपुर क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश हुई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से जहां फलों के आकार और विकास में मदद मिलेगी, वहीं लगातार हो रही ओलावृष्टि फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। बारिश से बगीचों को पर्याप्त नमी मिली है, जिससे सिंचाई की जरूरत कम होगी और किसानों का खर्च भी बचेगा। हालांकि अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में महंगाई से मिली राहत: डिपुओं में सस्ता हुआ सरसों तेल, बाजार से 60 रुपए कम हुए दाम
बारिश के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से नीचे आया। धर्मशाला का अधिकतम तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं शिमला का तापमान भी चार डिग्री तक गिरा। मनाली और नाहन सहित कई क्षेत्रों में भी मौसम सुहावना हो गया। निचले इलाकों में ठंडी हवाएं चलने लगीं, जबकि भरमौर और धौलाधार की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी भी दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने शनिवार को भी किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अन्य 10 जिलों में आंधी, तूफान और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 31 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है। इसके बाद भी 2 जून तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों और बागवानों ने सरकार से नुकसान का आकलन करवाने और राहत प्रदान करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लगातार खराब मौसम से फलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।