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May 30, 2026
हिमाचल में होने वाला है कुछ बड़ा... सीएम सुक्खू लेंगे बड़े फैसले, इस दिन बुलाई कैबिनेट बैठक
युवाओं से लेकर कर्मचारियों और पेंशनरों को इस कैबिनेट बैठक से हैं उम्मीदें
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की प्रस्तावित कैबिनेट बैठक चर्चा का केंद्र बन गई है। मुख्यमंत्री ने 6 जून को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुला ली है, जिसमें प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक युवाओं, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी सौगात लेकर आ सकती है।
इस बैठक पर इसलिए भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री सुक्खू ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान भी कैबिनेट बैठक आयोजित की थी। उस बैठक को लेकर विपक्षी भाजपा ने कड़ा विरोध जताते हुए चुनाव आयोग तक शिकायत पहुंचाई थी। अब चुनावी प्रक्रिया लगभग समाप्त होने के बाद बुलाई गई इस नई बैठक को सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को हरी झंडी मिल सकती है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कई विभागों में नई भर्तियों और पदों के सृजन संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखे जा सकते हैं। हजारों बेरोजगार युवाओं की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।
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मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। कर्मचारी वर्ग लंबे समय से कई मांगों को लेकर सरकार से निर्णय लेने की अपेक्षा कर रहा है। ऐसे में कैबिनेट बैठक से राहत भरे फैसलों की उम्मीद बढ़ गई है।
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पेंशनरों से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों पर भी सरकार विचार कर सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय बैठक में होने वाली चर्चा के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच इस बैठक को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
मुख्यमंत्री द्वारा बजट सत्र के दौरान की गई कई महत्वपूर्ण घोषणाएं अभी विभिन्न विभागों में प्रक्रियाधीन हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट इन योजनाओं और परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी देकर उनके क्रियान्वयन का रास्ता साफ कर सकती है। सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियों पर भी निर्णय ले सकती है।
शहरी निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के कारण लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते कई प्रशासनिक प्रस्तावों पर निर्णय नहीं हो पाए थे। अब चुनावी गतिविधियां समाप्त होने के बाद सरकार उन लंबित मामलों को निपटाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कैबिनेट बैठक में हाल ही में संपन्न हुए पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों की समीक्षा भी किए जाने की संभावना है।
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गौरतलब है कि 22 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई थी। भाजपा ने आरोप लगाया था कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान कैबिनेट बैठक आयोजित करना चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी। अब एक बार फिर मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा कैबिनेट बैठक बुलाए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें इस बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।
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आगामी कैबिनेट बैठक को प्रदेश की वर्तमान सरकार की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक माना जा रहा है। युवाओं को रोजगार, कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत, बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन और विकास योजनाओं को गति देने जैसे मुद्दों पर यदि ठोस फैसले होते हैं, तो इसका असर प्रदेश की बड़ी आबादी पर पड़ सकता है। ऐसे में 6 जून को होने वाली सुक्खू कैबिनेट की बैठक से प्रदेश के लाखों लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं और सभी की निगाहें अब सरकार के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं।