हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश से नदी.नाले उफान पर हैं, जबकि फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच किन्नौर जिले में बारिश के कारण एक महत्वपूर्ण पुल बह गया है, वहीं ऊना जिले में उफान पर बह रहे कई नाले सड़कों तक आ पहुंचे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर वाहनों को रास्ते में ही रुकना पड़ा और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर इंतजार करना पड़ा।

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें सड़कों पर थमी रफ्तार

सोमवार सुबह तक जारी रही मूसलाधार बारिश ने मैदानी जिला ऊना में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। रातभर हुई वर्षा के कारण कई सड़कें पानी से भर गईं और प्रमुख मार्गों पर बरसाती पानी का तेज बहाव देखने को मिला। हालात ऐसे बने कि कुछ स्थानों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। कई दोपहिया वाहन चालक भी तेज बहाव वाले क्षेत्रों में फंसते-फंसते बचे।

 

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गगरेट-दौलतपुर मार्ग पर स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रही। बरसाती पानी काजवों के ऊपर से बहने लगा, जिसके चलते वाहन चालकों ने जोखिम उठाने की बजाय पानी का स्तर कम होने का इंतजार किया। इससे सड़क पर लंबी वाहन कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी।

48 घंटे बेहद संवेदनशील

मौसम विभाग की मानें तो अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहेंगे। प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने जैसी घटनाओं, नदी-नालों के उफान, सड़कें बंद होने, बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित होने तथा जान-माल के नुकसान की आशंका जताई गई है।  ऐसे में विभाग और प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। 

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नदी-नाले उफान पर, बढ़ा फ्लैश फ्लड का खतरा

लगातार बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खड्डों, नालों और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। ऊना क्षेत्र में कई बरसाती जलधाराएं उफान पर बहती नजर आईं। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में इसी तरह बारिश जारी रही तो निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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किन्नौर में बाढ़ के बहाव में बहा महत्वपूर्ण पुल

उधर, जनजातीय जिला किन्नौर में भारी बारिश ने एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग को प्रभावित कर दिया। छितकुल और दुमती क्षेत्र के बीच स्थित तुम्बर खड्ड में अचानक आए तेज बहाव ने पुल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पुल का बड़ा हिस्सा टूटकर बह गया और मलबा नीचे बह रही नदी में जा पहुंचा। पुल बहने से सीमावर्ती क्षेत्रों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया है।

पहली बार जारी हुआ रेड अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी 48 घंटे बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बादल फटने की घटनाएं, सड़क अवरोध, बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

चार जिलों में दो दिन शिक्षण संस्थान बंद

खराब मौसम और संभावित आपदा की आशंका को देखते हुए प्रदेश के चार जिलों कांगड़ाए मंडी, चंबा और सिरमौर जिलों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन खतरा भी बरकरार

एक ओर जहां भारी बारिश ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है। मक्की सहित खरीफ फसलों की बुआई के बाद हुई वर्षा को कृषि विशेषज्ञ फसल विकास के लिए अनुकूल बता रहे हैं। हालांकि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में खेतों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।

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अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी जोखिम भरे क्षेत्र में जाने से बचें।

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