#यूटिलिटी
July 19, 2026
हिमाचल में फिर फटा बादल: किसानों की नगदी फसलें तबाह, नाले में आई बाढ़ से मलबे में बदली सड़क
दो दिन में दो जगह फटे बादल किन्नौर के बाद अब पांगी में तबाही
शेयर करें:

पांगी (चंबा)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के रेड तथा ऑरेंज अलर्ट के बीच अब प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है। प्रदेश में बीते दो दिनों के भीतर बादल फटने की दूसरी घटना सामने आने से पहाड़ी क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया है। शनिवार को किन्नौर जिले में बादल फटने की घटना के बाद रविवार को चंबा जिले की दुर्गम पांगी घाटी में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है। अचानक आई इस आपदा ने जहां किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, वहीं सड़क संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
रविवार सुबह करीब 9:30 बजे कुमार पंचायत के अंतर्गत परमार धार क्षेत्र में अचानक बादल फटने की घटना हुई। कुछ ही मिनटों में मौसम ने भयावह रूप धारण कर लिया और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज वर्षा के कारण पहाड़ियों से पानी और मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगा, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का समय नहीं मिला।
भारी बारिश और तेज बहाव ने कृषि भूमि को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। खेतों में तैयार खड़ी मटर, सब्जियां और अन्य मौसमी फसलें पानी और मलबे की चपेट में आ गईं। किसानों का कहना है कि कई महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कृषि क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है, हालांकि वास्तविक क्षति का आकलन प्रशासनिक सर्वेक्षण के बाद ही सामने आएगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : तेज बारिश में हुआ हा.दसा- मरीज को छोड़ने गई AMBULANCE दुर्घटनाग्रस्त, 2 लोग...
बादल फटने के बाद सिद्ध मंदिर के समीप स्थित नाले में अचानक भीषण बाढ़ आ गई। तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में पत्थर, मिट्टी और मलबा लेकर आया, जिससे सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधीन मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर मलबा जमा होने के कारण यातायात रोकना पड़ा और पांगी मुख्यालय सहित कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हो गया। सड़क बंद होने से यात्रियों, स्थानीय निवासियों और आवश्यक सेवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें : सावधान हिमाचल! अगले 48 घंटे बेहद भारी, कई जिलों में तेज बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून और भारी बारिश के बीच बादल फटने की घटनाएं लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। शनिवार को किन्नौर जिले में बादल फटने की घटना के बाद रविवार को पांगी घाटी में हुई इस आपदा ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग मौसम के बदलते मिजाज को लेकर चिंतित हैं और संभावित खतरों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर और ऊना जिलों के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज तथा कहीं-कहीं बहुत तेज बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में प्रशासन के सामने राहत, बचाव और सड़क बहाली की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वेक्षण करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। साथ ही बंद सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने की भी मांग की जा रही है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन और सड़क बहाली की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। इस बीच लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
लगातार हो रही बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का एक छोटा बदलाव भी बड़े खतरे का रूप ले सकता है। पांगी में आई यह आपदा केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि मानसून के दौरान बढ़ते जोखिमों की गंभीर चेतावनी भी है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि पहाड़ों में हर बादल अब चिंता का कारण बनता जा रहा है।