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July 20, 2026
हिमाचल कैबिनेट: सुक्खू सरकार ने 7,500 पद भरने की दी मंजूरी; इन कर्मचारियों का बढ़ाया मानदेय
हजारों भर्तियों को हरी झंडी, मानदेय बढ़ोतरी समेत कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सबसे बड़ा फैसला हिमाचल में रोजगार को लेकर लिया गया है। कैबिनेट बैठक में लगभग 7500 से भी अधिक पदों पर भर्ती का निर्णय लिया है। वहीं आशा वर्करोंए नंबरदारों और मेडिकल कॉलेजों में पीजी कर रहे डॉक्टरों को भी आर्थिक राहत दी है। शिक्षाए स्वास्थ्यए ग्रामीण विकास और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिए गए इन फैसलों को सरकार के महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णयों में शामिल माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला रोजगार से जुड़ा रहा। सरकार ने विभिन्न विभागों में लगभग 7,500 पद भरने की मंजूरी देकर बेरोजगार युवाओं को बड़ी राहत दी है। सबसे अधिक भर्ती शिक्षा विभाग में की जाएगी, जहां वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे, जिनकी भर्ती राज्य चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों को गति देने के लिए प्रदेश की विभिन्न पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्कर तैनात किए जाएंगे। वहीं आयुर्वेद विभाग में 800 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी मिली है, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी दूर होने की उम्मीद है।
प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाने वाली आशा वर्करों के मानदेय में सरकार ने एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद उनका मासिक मानदेय बढ़कर 6,800 रुपये हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। इसके साथ ही ग्रामीण प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नंबरदारों का मानदेय भी 500 रुपये बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से हजारों आशा वर्करों और नंबरदारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर रहे डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। प्रथम वर्ष के पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों का 50 हजार से 60 हजार रुपये और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का 60 हजार से बढ़ाकर 65 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे युवा चिकित्सकों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
कैबिनेट ने पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी स्वीकार किया है। राज्य सरकार ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आयु सीमा में एक वर्ष की छूट देने का फैसला लिया है। सरकार जल्द ही 800 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती करने जा रही है और इस निर्णय से ऐसे युवाओं को लाभ मिलेगा जो आयु सीमा के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका में थे।
बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी के नेफ्रोलॉजी विभाग में पांच डायलिसिस टेक्नीशियन पदों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा टांडा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के लिए दो असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे। सरकार ने शिमला जिले के कोटली क्षेत्र में नया स्वास्थ्य केंद्र खोलने और हमीरपुर के धनेटा में शिक्षण स्तर का आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इन फैसलों से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडिएशन/रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी) का नया कोर्स शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इस कोर्स के लिए 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने में मदद मिलेगी और छात्रों को नए करियर विकल्प मिलेंगे।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बाल पोषाहार योजना शुरू करने का फैसला भी लिया है। इस योजना के तहत नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ सप्ताह में दो दिन उबला अंडा या मौसमी फल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने मत्स्य विभाग में छह फिशरीज ऑफिसर और चार सब-इंस्पेक्टर (फिशरीज) के पदों को मंजूरी दी है। वहीं अग्निशमन विभाग में नए फायर स्टेशन और कांगड़ा के बड़ोल में फायर पोस्ट स्थापित करने के लिए विभिन्न पद सृजित किए जाएंगे। योजना विभाग और आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में भी कई नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।