#विविध
July 20, 2026
हिमाचल में मानसून का खतरा बढ़ा : नदी-नालों के किनारे बने घर खाली, जारी हुए आदेश
राहत शिविर, भोजन और पुनर्वास की रहेगी व्यवस्था
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रहे मानसूनी खतरे के बीच राज्य सरकार ने लोगों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन को नदी-नालों के किनारे बने संवेदनशील मकानों को खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि जोखिम वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और प्रभावित परिवारों के लिए राहत व पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, नदी से 500 मीटर और नालों से 200 मीटर की दूरी के भीतर स्थित ऐसे मकानों की पहचान की जाए, जो बाढ़, भूस्खलन या अचानक आने वाले तेज बहाव की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे संवेदनशील मकानों को तत्काल खाली करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों को घर छोड़ने पड़ेंगे, उनके लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे। शिविरों में तिरपाल, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी प्रशासन की निगरानी में संचालित होगी।
सरकार ने प्रत्येक उपमंडल में SDM की अध्यक्षता में विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस समिति में राजस्व, लोक निर्माण, जल शक्ति, पुलिस और पंचायत विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। समिति संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करेगी।
CM सुक्खू ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी प्रकार का जोखिम न लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।