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July 21, 2026

हिमाचल: मलबे की चपेट में आई निजी बस, यात्रियों की अटकी सांसें; दूसरी पर हुई पत्थरों की बरसात

हिमाचल में रेड अलर्ट के बीच 9 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी

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chamba bus landslide

चंबा। हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच मानसून ने अब अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगह.जगह भूस्खलनए पहाड़ों से गिरते पत्थर और उफनते नाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। इस सब के बीच हिमाचल के चंबा जिला से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां सड़क पर अचानक आए मलबे की चपेट में एक निजी बस आ गई है। 

मलबे में फंसी यात्रियों से भरी बस

चंबा-तीसा मार्ग पर कंदला के समीप अचानक भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा और यात्रियों से भरी एक निजी बस उसकी चपेट में आ गई। देखते ही देखते बस मलबे में फंस गई और उसमें सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मलबा लगातार नीचे खिसकता रहा, जिससे बस के आगे बढ़ने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। कुछ क्षणों के लिए यात्रियों को बस के पलटने का भी डर सताने लगा। हालांकि राहत की बात यह रही कि बस संतुलन नहीं खोई और चालक की सूझबूझ के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

 

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दूसरी बस पर बरसे पत्थर, टला बड़ा हादसा

चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्गेठी के पास भी खौफनाक मंजर देखने को मिला। यहां अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। इसी दौरान एक बस उस क्षेत्र से गुजर रही थी। स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों ने समय रहते बस चालक को सावधान कर दिया, जिससे बस को रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। अगर बस कुछ सेकंड आगे बढ़ जाती तो वह सीधे पत्थरों की चपेट में आ सकती थी। इस घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

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भूस्खलन से बंद हुए प्रमुख मार्ग

लगातार बारिश के कारण चंबा-भरमौर मार्ग पर दुर्गेठी और बत्ती की हड्डी के पास भारी भूस्खलन हुआ है। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। मार्ग के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें टूटने और नालों में पानी बढ़ने के कारण संपर्क मार्ग भी बाधित हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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भटियात क्षेत्र का संपर्क लगभग कटा

उपमंडल भटियात में बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिला है। यहां तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाले लगभग सभी प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं। चुवाड़ी-नूरपुर, चुवाड़ी-सिहुंता, चुवाड़ी-ककीरा और चुवाड़ी-चंबा (जोत मार्ग) पर यातायात पूरी तरह बंद पड़ा है। सड़कें बंद होने से क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित होने की सूचना है।

बारिश बनी राहत कार्यों की सबसे बड़ी चुनौती

लोक निर्माण विभाग, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मार्ग बहाली में जुटी हुई हैं। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और पहाड़ियों से गिर रहे पत्थर राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार होते ही बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाएगा।

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स्कूलों में छुट्टी, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए चंबा, कुल्लू और शिमला के ठियोग क्षेत्र में सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भी एहतियात के तौर पर शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करें।

रेड अलर्ट के साथ फ्लैश फ्लड की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के कई क्षेत्रों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर, शिमला, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा जताया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध और जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।

 

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25 जुलाई तक राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग के अनुसार 25 जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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