शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव करने की योजना बना रही है। शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत शिक्षकों को केवल एक बार, 31 मार्च को ही सेवानिवृत्त किया जाएगा।
सिर्फ 31 मार्च को ही रिटायर होंगे टीचर
इस प्रस्ताव का उद्देश्य शैक्षणिक सत्र के दौरान शिक्षकों की सेवानिवृत्ति से होने वाली शिक्षण प्रक्रिया में व्यवधान को रोकना है। शिक्षा विभाग ने इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने की तैयारी की है।
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शिक्षा विभाग तैयारियों में जुटा
वर्तमान में, शिक्षकों की सेवानिवृत्ति विभिन्न महीनों में होती है, जिससे शैक्षणिक सत्र के बीच में शिक्षकों के पद रिक्त हो जाते हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है और परीक्षा परिणामों पर भी असर पड़ता है।
इस समस्या के समाधान के लिए, शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों की तर्ज पर शिक्षकों की सेवानिवृत्ति को एक निश्चित तिथि, 31 मार्च, पर करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे शिक्षकों की सेवानिवृत्ति एक निर्धारित तिथि पर होगी, जिससे शिक्षण प्रक्रिया में स्थिरता बनी रहेगी और छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान नहीं होगा।
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क्या होगा लाभ?
- शैक्षणिक निरंतरता- शिक्षकों की सेवानिवृत्ति एक ही तिथि पर होने से शिक्षण प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहेगी।
- रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति- एक साथ सेवानिवृत्ति होने से रिक्त पदों को भरने की योजना पहले से बनाई जा सकेगी।
- शिक्षकों की जवाबदेही- शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी, जिससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
