हमीरपुर। हिमाचल सरकार ने चार दिन पहले अपने बजट में गाय और भैंस के दूध में 6 रुपए की बढ़ोतरी तो की, लेकिन दूध की गुणवत्ता को लेकर कुछ नहीं कहा। सरकार पशुपालकों से दूध खरीदकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाती है। लेकिन हमीरपुर में ग्रामीण पशुपालक से खरीदे गए गाय के दूध के सैंपल में पहली बार यूरिया मिला है, जो कि इंसानी सेहत के लिए खतरनाक है।
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (MFTL) में की गई दूध की जांच में यूरिया की मौजूदगी पाई गई। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि गाय के दूध में यूरिया बाहरी मिलावट से नहीं, बल्कि पशुचारे से आया है। यानी गाय को जो चारा दिया गया, उसी में यूरिया मिला हुआ था।
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दूध की क्वालिटी पर शक हुआ
खाद्य सुरक्षा विभाग के पास एक व्यक्ति दूध का सैंपल लेकर आया था। व्यक्ति ने बताया कि वह ग्रामीण पशुपालक से रोज दूध खरीदता है। उसे दूध की गुणवत्ता पर संदेह हुआ तो उसने दूध का सैंपल जांच के लिए उपलब्ध कराया। उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने कहा कि पशुपालकों को इस बारे में सही जानकारी दी जाए ताकि वे अपने पशुओं को सुरक्षित और संतुलित चारा दें।
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बाजार में मिल रहा है मिलावटी दूध
दूध में यूरिया पाए जाने से हमीरपुर के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों से दूध मंगवाते हैं ताकि बाजार में मिलने वाले मिलावटी दूध से बचा जा सके। लेकिन लोकल दूध के सैंपल में यूरिया पाए जाने से उपभोक्ताओं में भय व्याप्त हो गया है।
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अब निगरानी करेगा खाद्य सुरक्षा विभाग
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दूध खरीदने में सतर्कता बरतें और यदि किसी को दूध की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो वह तत्काल इसकी जांच करवा सकता है। विभाग का कहना है कि इस घटना के बाद क्षेत्र में दूध विक्रेताओं और पशुपालकों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
