शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब अनुबंध के आधार पर भर्तियां नहीं होंगी। कार्मिक विभाग की अधिसूचना में इस साल 20 फरवरी से लागू भर्ती कानून में 'अनुबंध पर भर्ती' शब्द को 'नियमितीकरण द्वारा' भर्ती शब्द से बदला गया है।
नहीं होंगी अनुबंध पर भर्तीयां
इससे अब साफ हो गया है कि हिमाचल प्रदेश में अब अनुबंध के आधार पर भर्ती नहीं की जाएगी। अधिसूचना के अनुसार, नए कानून के बाकी के प्रावधान पहले की ही तरह लागू रहेंगे। सुक्खू सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तें अधिनियम 2024 को 20 फरवरी 2025 से लागू किया था। इसी कानून में अनुबंध के प्रावधान को नियमितीकरण शब्द से बदला गया है।
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आदेश का इंतजार करने को कहा
कार्मिक विभाग की अधिसूचना में सभी प्रशासनिक सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों, डीसी, बोर्डों-निगमों के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, सार्वजनिक सेवा उपक्रमों के रजिस्टार, राज्य लोक सेवा आयोग, राज्य चयन आयोग को अब सरकार के आगे के निर्देशों का इंतजार करने को कहा गया है। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि मौजूदा अनुबंध कर्मियों के नियमितीकरण के आदेश भी नए कानून के हिसाब से ही जारी होंगे।
शर्त का उल्लेख करने के आदेश
सरकार ने अपनी अधिसूचना में सभी विभागों, बोर्ड और निगमों से कहा है कि नियमितीकरण के लिए अनुबंध कर्मचारियों के मामलों पर विचार करते समय उनके नियमितीकरण आदेशों में उपरोक्त शर्त भी निर्धारित करें।
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जिन मामलों में नियमितीकरण आदेश जारी किए गए हैं, उनमें तुरंत यह जोड़ा जाए कि नियमितीकरण इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन है। दिसंबर 2024 में, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और उपक्रमों में कुल 19,594 आउटसोर्स्ड कर्मचारी कार्यरत हैं।
