शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार तबाही मचा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन, बादल फटने और तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। जगह-जगह सड़कें बाधित हो रही हैं, मकानों को नुकसान पहुंच रहा है और लोगों में दहशत का माहौल है। इसी बीच राजधानी शिमला से भी एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां देर रात हुए भारी भूस्खलन ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
भारी लैंडस्लाइड, 10 से अधिक मकानों पर संकट
बीती रात शिमला के मैहली-जुन्गा मार्ग पर अचानक भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से आसपास बने 10 से अधिक मकानों पर खतरा मंडराने लगा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक मकान को तुरंत खाली करवा दिया, जबकि अन्य मकानों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: सभी बोर्ड निगमों के खजाने की निगरानी को बनेगी नई फाइनेंस कंपनी
स्थानीय लोगों में दहशत
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में की गई पहाड़ी कटिंग के कारण जमीन कमजोर हुई, जिसके चलते भूस्खलन की घटना हुई। गुरुवार देर रात हुए इस हादसे के बाद से आसपास रहने वाले लोग दहशत में हैं और उन्हें लगातार नए भूस्खलन का डर सता रहा है।
फिलहाल बारिश से मिली राहत
लगातार चार दिन तक हुई बारिश के बाद शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम कुछ साफ रहा। शिमला सहित कई क्षेत्रों में सुबह धूप खिली, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है और मानसून जल्द फिर सक्रिय होने वाला है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल: पैदल जा रही महिला से टकराई बाइक, भाई-बहन के निकले प्राण; 20 और 22 साल थी उम्र
अगले 72 घंटे हल्की बारिश, फिर बदलेगा मौसम का मिजाज
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद मौसम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।
27 से 29 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 27 जुलाई से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 27 से 29 जुलाई के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में दरका पहाड़ : चट्टानों के नीचे दबी टाटा सूमो, कई लोगों की मौ**त की आशंका
इन जिलों में सबसे ज्यादा रहेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार शिमला, मंडी और कांगड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर के कई इलाकों में भी भारी वर्षा हो सकती है। ऐसे में भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), जलभराव और सड़कें बंद होने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
आने वाले सप्ताह तक बना रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच भी प्रदेश के मध्य पर्वतीय और निचले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना है। विशेष रूप से किन्नौर के कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने का अनुमान जताया गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में पहाड़ ने निगली 13 जिंदगियां : चलती सूमो पर गिरी चट्टानें, 6 माह का मासूम भी शामिल
सतर्क रहने की अपील
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों के पास जाने से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
