सोलन। हिमाचल प्रदेश की कबड्डी टीम के चयन पर विवाद छिड़ गया है। कुछ खेल प्रेमियों ने आरोप लगाया था कि राज्य की चुनी गई कबड्डी टीम में काबिल खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई और चयन प्रक्रिया में सिफारिशों का हस्तक्षेप था। इस विवाद के बाद, देश के पूर्व कबड्डी कप्तान और स्टार खिलाड़ी अजय ठाकुर ने खुलकर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अजय ठाकुर का चैलेंज
अजय ठाकुर ने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक अनोखा कदम उठाया। उन्होंने टीम के चयन पर सवाल उठाने वाले खिलाड़ियों और राज्य की चुनी गई टीम के बीच एक मैच कराने का प्रस्ताव रखा। ठाकुर ने कहा- अगर राज्य की चुनी गई कबड्डी टीम इस मैच में हार जाती है, तो मैं सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और खेल मंत्री से माफी मांगूंगा।
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खिलाड़ियों का चयन पूरी काबिलियत से
अजय ठाकुर ने फेसबुक पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कबड्डी फेडरेशन ने 280 खिलाड़ियों के ट्रायल के बाद सिर्फ 12 खिलाड़ियों का चयन किया है। उनका दावा है कि यह चयन पूरी तरह से खिलाड़ियों की काबिलियत के आधार पर हुआ है, और इसमें कोई भी सिफारिश नहीं की गई है। ठाकुर ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चयन में पूरी पारदर्शिता बरती गई है।
क्यों हुआ है विवाद?
यह विवाद नालागढ़ क्षेत्र के खेल प्रेमियों द्वारा उठाए गए सवालों से शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि चयन में काबिल खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया और कुछ सिफारिशी खिलाड़ियों को स्थान दिया गया। इस पर अजय ठाकुर ने अपनी टीम के चयन की प्रक्रिया को सही ठहराया और चुनौती दी कि अगर उनकी चुनी हुई टीम कमजोर है, तो इसका प्रमाण मैच के माध्यम से लिया जा सकता है।
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चुनौती को किया स्वीकार
अजय ठाकुर ने यह भी कहा कि यह विवाद किसी भी तरह से खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और काबिलियत को कम नहीं कर सकता। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह इस चुनौती को स्वीकार करते हैं और यह चाहते हैं कि यह मामला एक सार्वजनिक मैच से हल हो, ताकि सभी को टीम के चयन की सही प्रक्रिया का पता चले।
