मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों के आगाज के साथ ही सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ही अपने.अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गढ़ माने जाने वाले मंडी में खास रणनीति के तहत अपने तेजतर्रार मंत्री विक्रमादित्य सिंह को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी है।
विक्रमादित्य ने किया चुनावी शंखनाद
शुक्रवार को मंडी में आयोजित एक अहम प्रेस वार्ता के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने न केवल चुनावी शंखनाद किया, बल्कि भाजपा के भ्रष्टाचार के खिलाफ और कांग्रेस के विकास के रोडमैप को जनता के सामने पेश कर अपना एजेंडा भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि यह चुनाव मंडी के अस्तित्व और उसके कायाकल्प की एक नई दिशा तय करेगा।उनके इस ऐलान के साथ ही मंडी में चुनावी दंगल की शुरुआत मानी जा रही है।
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कांग्रेस का फोकस विकास बनाम भाजपा पर निशाना
मंत्री ने कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट करते हुए विकास को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार मंडी शहर के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 180 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं तैयार की गई हैं, जिनका लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया जाएगा। वहीं भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान मंडी के विकास को केवल कागजों और प्रचार तक सीमित रखा गया। अब जनता बदलाव चाहती है और काम के आधार पर निर्णय लेने को तैयार है।
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बेदाग छवि और युवा चेहरों पर दांव
कांग्रेस ने इस बार मंडी की जंग जीतने के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। विक्रमादित्य ने खुलासा किया कि इस बार टिकट वितरण में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को तरजीह दी गई है जिनकी छवि साफ-सुथरी है और जो वार्ड स्तर पर जनता की आवाज बन सकें। उन्होंने वादा किया कि नगर निगम में कांग्रेस के सत्तासीन होते ही हाउस टैक्स में सुधार और पार्कों के बेहतर रखरखाव जैसी नीतियों को लागू किया जाएगा।
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विक्रमादित्य का भावुक कार्ड
विक्रमादित्य सिंह ने भावुक कार्ड खेलते हुए कहा कि मंडी उनके लिए केवल एक शहर नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत छोटी काशी है। कांग्रेस का घोषणापत्र शहर की पार्किंग समस्या को हल करने, सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा बढ़ाने और स्थानीय व्यापारियों को बेहतर माहौल देने पर केंद्रित होगा। उन्होंने मंडी को उसकी सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का भरोसा दिलाया।
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जयराम के गढ़ में सेंध की रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंडी में विक्रमादित्य सिंह की सक्रियता से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आई है। पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर चल रही है और हर वार्ड स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। साफ छवि वाले उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों पर फोकस के जरिए कांग्रेस भाजपा को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।
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रोचक होगा चुनावी मुकाबला
मंडी नगर निगम चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। जहां भाजपा अपने पारंपरिक जनाधार को बनाए रखने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस गढ़ में सेंध लगाने के लिए आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है। आने वाले दिनों में यह चुनावी जंग और तेज होने की संभावना है।
