#राजनीति

May 7, 2026

सीएम सुक्खू के फरमान को अनदेखा कर कांग्रेस ने अब नादौन में उतारे जिला परिषद प्रत्याशी

पंचायत चुनाव में कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल

शेयर करें:

Himachal Congress politics

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है, लेकिन इस बीच कांग्रेस की अंदरूनी रणनीति ही सवालों के घेरे में आ गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पहले यह साफ कहा गया था कि पार्टी जिला परिषद चुनावों में आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी, मगर जमीनी स्तर पर तस्वीर इससे अलग नजर आने लगी है।

ऊना के बाद अब नादौन से भी सूची जारी

हाल ही में ऊना जिले के दो ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों द्वारा जिला परिषद प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बाद अब मुख्यमंत्री के अपने ही गृह क्षेत्र नादौन से भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया गया है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर तालमेल और अनुशासन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में गजब की राजनीति: भाजपा ने कांग्रेस नेता की पत्नी को बनाया अपना प्रत्याशी; दिया टिकट

नादौन के चार वार्डों के लिए ब्लॉक अध्यक्ष ने सूची जारी

नादौन विधानसभा क्षेत्र के चारों जिला परिषद वार्डों के लिए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद ने वीरवार को उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी। पार्टी द्वारा जारी सूची के मुताबिक 

  • लड़हा वार्ड-16: कश्मीर गांव की अंजना कुमारी भारती को मैदान में उतारा गया है।
  • मालग वार्ड-17: धनेटा क्षेत्र की कंचन धीमान को प्रत्याशी बनाया गया है।
  • अमलैहड़ वार्ड-18: जंगलू गांव के रविंद्र कुमार गद्दी ताल ठोकेंगे।
  • सपड़ोह वार्ड-19: फस्टे पंचायत के चढूंह गांव की सीमा चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में हाजिरी घोटालेबाज कर्मी का खुला राज : ज्वाइनिंग के बाद रही गायब, लगती रही अटेंडेंस

ब्लॉक स्तर पर तेज हुई चुनावी सक्रियता

नादौन विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से चार जिला परिषद वार्डों के लिए उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर संगठन अब पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुका है और समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।

स्थानीय समीकरण साधने की कोशिश

घोषित प्रत्याशियों को क्षेत्र में सक्रिय और मजबूत जनाधार वाला माना जा रहा है। कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व का मानना है कि ये उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में पकड़ रखते हैं और चुनाव में कड़ा मुकाबला देने की स्थिति में हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पार्टी चिन्ह से चुनाव न लड़ने की बात कही जा रही है, लेकिन समर्थन के जरिए राजनीतिक संदेश साफ नजर आ रहा है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में 100 और स्कूल होंगे बंद : दूरदराज इलाकों में बढ़ेगी परेशानी, सरकार के फैसले से नाराज

नेतृत्व के निर्देश बनाम जमीनी हकीकत

इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की रणनीति और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की कार्यशैली में अंतर उभर कर सामने आ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनावों में प्रभाव बनाए रखने के लिए कांग्रेस अब अप्रत्यक्ष रूप से मैदान में उतर रही है।

चुनाव मुकाबला हुआ और रोचक

कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा टकराव और दिलचस्प हो गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी के भीतर इस रणनीति को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है और इसका चुनावी परिणामों पर कितना असर पड़ता है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख