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May 4, 2026

पंचायत-निकाय चुनाव: बगावत पर हिमाचल BJP सख्त- पार्टी लाइन से हटे तो नहीं बख्शे जाएंगे नेता

बगावत पर लगाम कसने की तैयारी, भाजपा ने बनाया अनुशासन पैनल

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bjp himachal

शिमला। हिमाचल में चुनावी सरगर्मी के बीच भाजपा में अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान सामने आई बगावत ने पार्टी नेतृत्व को अलर्ट कर दिया है, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने बड़ा कदम उठाया है।

बगावत के बीच कड़ा फैसला

हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने रविवार को एक अनुशासन समिति के गठन का ऐलान किया। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कई जगहों पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ ही बागी मैदान में उतर चुके हैं। खासतौर पर धर्मशाला और सोलन जैसे इलाकों में पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया है।

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कौन-कौन हैं समिति में शामिल

नई बनाई गई इस अनुशासन समिति में कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें सांसद सिकंदर कुमार, विधायक विपिन सिंह परमार, बिहारी लाल शर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य इंदु गोस्वामी और विधायक बलबीर वर्मा को शामिल किया गया है। यह टीम चुनावी गतिविधियों पर नजर रखेगी और पार्टी लाइन से हटने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय करेगी।

अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस

राजीव बिंदल ने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित और अनुशासित संगठन है, जहां पार्टी की नीतियों से किसी भी प्रकार का विचलन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि टिकट वितरण, चुनाव प्रचार या संगठनात्मक फैसलों में असहमति को भी अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई तय है।

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क्यों जरूरी हुआ यह कदम

स्थानीय निकाय चुनावों में कई जगहों पर पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ ताल ठोक दी है। नगर निगम चुनाव जहां पार्टी चिह्नों पर हो रहे हैं, वहीं अन्य निकायों जैसे पंचायत और परिषद में भले ही चुनाव चिह्न न हों, लेकिन राजनीतिक प्रभाव पूरी तरह नजर आ रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की अंदरूनी कमजोरी को चुनावी नुकसान में बदलने नहीं देना चाहता।

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राजनीतिक संदेश साफ

भाजपा के इस कदम को सिर्फ अनुशासन कायम रखने की कोशिश नहीं, बल्कि चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह सख्ती बगावत को थाम पाती है या अंदरूनी असंतोष और गहराता है।

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