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May 7, 2026

हिमाचल में गजब की राजनीति: भाजपा ने कांग्रेस नेता की पत्नी को बनाया अपना प्रत्याशी; दिया टिकट

जयराम के गढ़ में भाजपा ने कांग्रेस के घर लगाई सेंध

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mandi BJP Congress

मंडी। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। जैसे-जैसे नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने एक-दूसरे के किलों को ढहाने के लिए एड़ी.चोटी का जोर लगा दिया है। सूबे की राजनीति में विरोधियों को अपने पाले में लाने के लिए हर तरह के सियासी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

 

इसी खींचतान के बीच मंडी जिला से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने न केवल जोगेंद्रनगर बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। भाजपा ने यहां एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेलते हुए कांग्रेस के एक प्रभावशाली नेता की पत्नी को ही अपने पाले में कर जिला परिषद का प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

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मंडी में भाजपा ने बदले राजनीतिक समीकरण

इसी सियासी माहौल के बीच मंडी जिले से एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। जोगेंद्रनगर क्षेत्र के नेर घरबासड़ा वार्ड में भाजपा ने बड़ा दांव खेलते हुए कांग्रेस से जुड़े एक प्रभावशाली परिवार में सेंध लगा दी है। भाजपा ने कांग्रेस नेता की पत्नी को ही जिला परिषद का उम्मीदवार बनाकर चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है।

भाजपा ने लगाई कांग्रेस परिवार में सेंध

भाजपा ने बिंदु बाला को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जो अधिवक्ता अनिल कुमार चौधरी की पत्नी हैं। अनिल कुमार चौधरी प्रदेश सरकार में सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल के पद पर कार्यरत थे और कांग्रेस विचारधारा से जुड़े माने जाते रहे हैं। पत्नी को भाजपा से टिकट मिलने के बाद उनके पद से इस्तीफा देने की चर्चा ने इस सियासी घटनाक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। इसे भाजपा की सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने विपक्षी खेमे में हलचल बढ़ा दी है।

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जयराम ठाकुर के गढ़ में सियासी शह.मात का खेल

मंडी जिला जिसे पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का मजबूत गढ़ माना जाता है, इस बार खासा चर्चा में है। कांग्रेस भी यहां अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है और चुनावी जिम्मेदारी अपने तेजतर्रार नेता विक्रमादित्य सिंह को सौंपी गई है। हालांकि भाजपा के इस ताजा दांव ने कांग्रेस की रणनीति को झटका देने का काम किया है और मुकाबले को और रोचक बना दिया है।

स्थानीय नेतृत्व ने जताया जीत का भरोसा

भाजपा खेमे में इस फैसले के बाद उत्साह का माहौल है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह कदम न केवल चुनावी समीकरणों को उनके पक्ष में मोड़ेगा, बल्कि विरोधियों को मनोवैज्ञानिक रूप से भी कमजोर करेगा। वहीं कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे अटकलों का दौर जारी है।

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चुनावी जंग में हर चाल अहम

मंडी की यह सियासी हलचल साफ संकेत देती है कि इस बार पंचायत चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह राजनीतिक प्रतिष्ठा और प्रभाव का बड़ा अखाड़ा बन चुके हैं। आने वाले दिनों में ऐसे और भी अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं, जो चुनावी तस्वीर को पूरी तरह बदल सकते हैं।

विधायक प्रकाश राणा का दावा

टिकट मिलने के बाद बिंदु बाला ने विधायक प्रकाश राणा से भी मुलाकात की। वहीं जोगेंद्रनगर के भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने इस सियासी घटनाक्रम पर अपनी ख़ुशी जाहिर की है। उन्होंने उपमंडल के तीनों जिला परिषद वार्डों के प्रत्याशियों को जीत की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए दावा किया कि संगठन की मजबूती और प्रत्याशियों के चयन ने जीत की राह आसान कर दी है।

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राणा ने जोर देकर कहा कि भाजपा के इन प्रत्याशियों की जीत भारी बहुमत से तय है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस इस सियासी मात का जवाब दे पाएगी या फिर भाजपा की यह चाणक्य नीति जिला परिषद चुनावों में क्लीन स्वीप का रास्ता साफ करेगी।

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