शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने एक बार फिर प्रदेश के हालात बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इससे पहले 30 जून की रात को प्रदेश के मंडी जिला में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा ने जमकर कहर बरपाया था। मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र में 20 दिन गुजर जाने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। सराज विधानसभा क्षेत्र में आज भी सैंकड़ों लोग या तो राहत शिविरों में या अपने रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं। पूरे सराज विधानसभा क्षेत्र का दौरा करने के बाद लौटे जयराम ठाकुर प्रदेश की कांग्रेस सरकार से खासे नाराज हैं।
20 दिन बाद भी बहाल नहीं हुई बिजली पानी
जयराम ठाकुर ने आज प्रदेश सरकार पर जमकर अपना गुब्बार निकालते हुए कहा कि सरकार आपदा के 20 दिन बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली पानी की सुविधा बहाल नहीं कर पाई है। गांवों में पैदल चलने तक के मार्ग नहीं बचे हैं। कई गांवों का तो शेष प्रदेश से ही संपर्क कट गया है, बावजूद इसके प्रदेश सरकार राहत कार्यों को लेकर संवेदनशील नही है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंडी जिला में आई गंभीर त्रासदी को केवल औपचारिकता मान रहे हैं।
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एक हजार करोड़ हुआ नुकसान, राहत एक करोड़ दी
उन्होंने दावा किया कि सरकार के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में मानसून से 1235 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, जिसमें से अकेले सराज क्षेत्र में 1000 करोड़ से अधिक की क्षति हुई है। जबकि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने मात्र एक करोड़ रुपए राहत के तौर पर जारी किए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने आपदा प्रभावित लोगों को पटवारियों के हवाले छोड़ दिया है। सरकार ने अभी तक किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को आपदा क्षेत्र में नहीं लगाया है।
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सरकार पर संस्थानों को शिफ्ट करने का आरोप
जयराम ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार त्रासदी की आड़ में सराज क्षेत्र से सरकारी संस्थानों को शिफ्ट करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्री ने स्वयं उन्हें कॉल कर बताया कि मंडी से पंचायती राज संस्थान को शिफ्ट करने की योजना है, जबकि इस संस्थान को आपदा से कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने हॉर्टिकल्चर कॉलेज का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इसके लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, पर अब मौजूदा सरकार ने वह राशि भी लौटा दी।
फौरी राहत के नाम पर मजाक
ठाकुर ने कहा कि सरकार केवल कागजी घोषणाएं कर रही है। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री ने अभी तक स्पेशल पैकेज की अधिसूचना क्यों नहीं जारी की एक घर के नुकसान पर 7 लाख रुपए देने की बात होती है, जिसमें से केवल 4 लाख प्रदेश सरकार को देने होते हैं, लेकिन अभी तक एक भी ऐसी अधिसूचना सामने नहीं आई है। उन्होंने तंज कसा कि अब तक केवल 2500 रुपए की फौरी राहत दी गई है, जो मजाक के बराबर है।
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जेसीबी गिनने में व्यस्त है सरकार
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर राहत और पुनर्वास कार्यों में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ यह गिन रही है कि कितनी जेसीबी कहां लगी हैं, पर ज़मीनी हकीकत यह है कि जिन लोगों के पास अब रहने की जगह नहीं बची, उनके लिए सामुदायिक शेल्टर होम, किचन और शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि सरकार तुरंत राहत के लिए स्थायी सामुदायिक भवन बनाए और जिन लोगों के घर उजड़ गए हैं, उन्हें जमीन देकर पुनर्वास किया जाए।
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राजनीति छोड़ें संवेदना दिखाएं
मुख्यमंत्री द्वारा जयराम ठाकुर को 10 दिन मंडी में रहने की सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मैं 20 दिन से मंडी में ही हूं। यह क्षेत्र मैंने बनाया है और यहां की तबाही का दर्द मैं जानता हूं। उन्होंने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि मंत्री ने अब तक त्रासदीग्रस्त क्षेत्र की कोई सुध नहीं ली, उनके बयान गैर.जिम्मेदाराना हैं।
