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May 16, 2026

हिमाचल पंचायत चुनाव में रिश्तों की जं*ग ! प्रधान के लिए सगे और उपप्रधान के लिए चचेरे भाईयों में टक्कर

पंचायत चुनाव में रिश्तों की जंग ने रोचक किए मुकाबले, किसके हिस्से आएगी जीत

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kalaamb panchyat Election

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में इस बार पंचायत चुनाव केवल राजनीतिक मुकाबले तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि कई जगहों पर चुनावी रण रिश्तों की परीक्षा बन गया है। प्रदेश की कई पंचायतों में परिवार के सदस्य ही एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। कहीं पति-पत्नी सियासी दंगल में आमने-सामने हैं तो कहीं सगे भाई चुनावी वर्चस्व के लिए पूरा दमखम लगा रहे हैं। जिससे घर की आपसी लड़ाई अब सीधे चुनावी अखाड़े में पहुंच चुकी है।

पंचायत चुनाव में रिश्तों के बीच जंग

ऐसा ही एक अनोखा और ऐतिहासिक मामला सिरमौर जिले के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब से सामने आया है, जिसने पूरी स्थानीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है। दरअसल औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब पंचायत में इस बार घर की लड़ाई सीधे चुनावी अखाड़े तक पहुंच गई है। यहां प्रधान पद के लिए दो सगे भाई आमने.सामने चुनाव मैदान में उतर चुके हैं, जबकि उपप्रधान पद के लिए चचेरे भाइयों के बीच सीधी टक्कर देखने हो रही है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है।

 

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प्रधान पद के लिए सगे भाइयों में मुकाबला

कालाअंब पंचायत में प्रधान पद के लिए बड़े भाई सुभाष और छोटे भाई पवन आमने-सामने हैं। दोनों भाई गांव-गांव जाकर अपने समर्थन में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। चुनावी प्रचार के बीच पंचायत में हर चौपाल, गली और चौराहे पर इसी मुकाबले की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार पंचायत चुनाव में परिवार के भीतर ऐसी खुली राजनीतिक जंग देखने को मिल रही है। दोनों उम्मीदवारों के समर्थक भी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जिससे पंचायत का चुनाव बेहद दिलचस्प बन गया है।

 

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उपप्रधान पद पर चचेरे भाइयों की कांटे की टक्कर

केवल प्रधान पद ही नहीं, बल्कि उपप्रधान पद पर भी रिश्तों की सीधी भिड़ंत देखने को मिल रही है। यहां चचेरे भाई अशोक और सोमनाथ एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में पूरा चुनाव अब परिवार बनाम परिवार की लड़ाई का रूप ले चुका है। गांव में चुनावी माहौल इतना गर्म है कि लोग इसे रिश्तों का रण और घर की लड़ाई का सियासी मंच तक कहने लगे हैं।

राजनीतिक विरासत ने बढ़ाई मुकाबले की दिलचस्पी

इस चुनावी टकराव के पीछे परिवार की पुरानी राजनीतिक पकड़ भी बड़ी वजह मानी जा रही है। प्रधान पद के दोनों उम्मीदवार पूर्व प्रधान स्वर्गीय पुन्ना राम के बेटे हैं] जो तीन बार पंचायत प्रधान रह चुके थे और क्षेत्र में उनका अच्छा प्रभाव माना जाता था। यही नहीं, पिछले कार्यकाल में बड़े भाई सुभाष की पत्नी रेखा भी पंचायत प्रधान रह चुकी हैं। दूसरी तरफ उपप्रधान पद के उम्मीदवार अशोक के पिता और सोमनाथ के चाचा हंसराज भी पंचायत की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते थे और प्रधान पद संभाल चुके हैं। इसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की होड़ अब परिवार के सदस्यों को आमने-सामने ले आई है।

 

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पंचायत चुनाव बना चर्चा का बड़ा मुद्दा

कालाअंब पंचायत का यह चुनाव अब पूरे सिरमौर जिले में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोग भी यह देखने को उत्सुक हैं कि आखिर जीत किसके हिस्से आएगी — रिश्ते या राजनीति। प्रदेश में पंचायत चुनावों के बीच इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां परिवार के सदस्य ही एक-दूसरे को चुनावी मैदान में मात देने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। ऐसे में पंचायत चुनावों ने इस बार हिमाचल की सियासत को पारिवारिक मुकाबलों का नया रंग दे दिया है।

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