शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के प्रभाव वाले क्षेत्र रामपुर से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। भाजपा के टिकट पर दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेता बृजलाल ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया। उनके साथ करीब 250 भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के कांग्रेस में शामिल होने से क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कांग्रेस ने इसे अपने संगठन विस्तार अभियान की बड़ी शुरुआत बताते हुए आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक चेहरों के पार्टी में शामिल होने का दावा किया है।
कांग्रेस के संगठन विस्तार अभियान को मिली बड़ी शुरुआत
प्रदेश कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए सदस्यता और संगठन विस्तार अभियान के पहले ही दिन पार्टी को बड़ी राजनीतिक सफलता मिली। शिमला स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बृजलाल और उनके समर्थकों ने औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता और सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेशभर में पार्टी को मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
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भाजपा छोड़ने के पीछे बताई बड़ी वजह
कांग्रेस में शामिल होने के बाद बृजलाल ने भाजपा पर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा में अब समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षा बड़े नेताओं को अधिक महत्व दिया जा रहा है। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज लगातार कमजोर होती जा रही है और निर्णय लेने की प्रक्रिया कुछ नेताओं तक सीमित होकर रह गई है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को वह सम्मान नहीं मिल रहा, जिसके वे हकदार हैं। यही कारण है कि कई पुराने कार्यकर्ता अब स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
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"भाजपा अब कार्यकर्ताओं की नहीं, नेताओं की पार्टी"
बृजलाल ने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ताओं की भूमिका लगातार सीमित होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व की दौड़ और गुटबाजी बढ़ने से संगठनात्मक माहौल प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं के सुझावों और भावनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में और भी कई लोग भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
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रामपुर में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रामपुर क्षेत्र में बृजलाल का अपना प्रभाव रहा है और उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थकों का कांग्रेस में शामिल होना स्थानीय राजनीति पर असर डाल सकता है। खासकर ऐसे समय में जब दोनों प्रमुख दल आगामी चुनावी रणनीतियों को मजबूत करने में जुटे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रामपुर क्षेत्र हमेशा से पार्टी का मजबूत आधार रहा है और अब नए कार्यकर्ताओं के जुड़ने से संगठन को और मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस ने किया बड़ा दावा
कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि प्रदेशभर में बड़ी संख्या में लोग पार्टी की नीतियों और विचारधारा से प्रभावित होकर जुड़ना चाहते हैं। पार्टी का कहना है कि संगठन विस्तार अभियान के तहत आने वाले दिनों में हजारों नए सदस्य कांग्रेस परिवार का हिस्सा बन सकते हैं। नेताओं के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों से अन्य दलों के कार्यकर्ता और नेता भी कांग्रेस के संपर्क में हैं और जल्द ही कई और बड़े राजनीतिक चेहरे पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
भाजपा के पूर्व उम्मीदवार और उनके सैकड़ों समर्थकों के कांग्रेस में जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दलों के बीच इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। फिलहाल इस घटनाक्रम को कांग्रेस अपने लिए बड़ी उपलब्धि और भाजपा इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बता रही है। हालांकि इतना तय है कि रामपुर क्षेत्र में हुए इस राजनीतिक बदलाव ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।
