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July 2, 2026

सुक्खू सरकार का युवाओं को बंपर ऑफर : बस खरीद पर मोटी सब्सिडी के साथ मिलेगी मंथली पेमेंट

युवाओं को मिलेगा स्थायी आय का नया माध्यम

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Rajiv Gandhi Swarozgar Yojna

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक नया अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना (फेज-4) को लागू करते हुए बस संचालन से जुड़े युवाओं के लिए आकर्षक प्रावधान किए हैं। इस योजना के तहत पात्र युवाओं को बस खरीदने के लिए सब्सिडी, बैंक ऋण की सुविधा और हर महीने संचालन प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

हर उपमंडल में तय किए जाएंगे बस रूट

दरअसल, सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक उपमंडल में कम से कम 10 नए बस रूट चिन्हित किए जाएंगे। चयनित युवाओं को इन निर्धारित मार्गों पर बस संचालन की अनुमति मिलेगी। इससे उन इलाकों में भी परिवहन सुविधा बेहतर होगी, जहां अभी सार्वजनिक बस सेवाएं सीमित हैं।

 

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योजना का लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा उसके पास भारी वाहन चलाने का कम से कम तीन वर्ष पुराना वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक होगा। आवेदक किसी बैंक या सरकारी संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कम आय वाले परिवारों के आवेदनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बस खरीदने पर मिलेगी भारी सब्सिडी

योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस खरीदने वाले लाभार्थियों को वाहन की लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। वहीं डीजल बस खरीदने वालों को 30 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। कुल लागत का 10 प्रतिशत हिस्सा लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा, जबकि बाकी राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में शामिल बस की न्यूनतम क्षमता 32 यात्रियों की निर्धारित की गई है।

 

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सरकार केवल बस खरीदने में ही मदद नहीं करेगी, बल्कि बस संचालन के लिए भी हर महीने आर्थिक सहायता देगी। डीजल बस संचालकों को 50 हजार रुपये प्रतिमाह और इलेक्ट्रिक बस संचालकों को 75 हजार रुपये प्रतिमाह संचालन प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह सहायता तभी मिलेगी, जब बस निर्धारित रूट पर नियमित रूप से संचालित होगी।

नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य

योजना के तहत सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा ताकि संचालन की निगरानी की जा सके। यदि कोई बस बिना उचित कारण निर्धारित मार्ग पर नियमित रूप से नहीं चलती है, तो उस अवधि का प्रोत्साहन भुगतान रोक दिया जाएगा। लगातार नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ परमिट भी रद्द किया जा सकता है।

 

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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के तहत खरीदी गई बस को लाभार्थी पांच वर्ष तक न तो बेच सकेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर सकेगा। इस शर्त का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तव में स्वरोजगार और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में ही उपयोग हो।

युवाओं को मिलेगा स्थायी आय का नया माध्यम

प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करेगी। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और युवाओं को स्थायी आय का नया माध्यम भी प्राप्त होगा।

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