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June 29, 2026

हिमाचल: दो नगर निगमों में महिलाओं का राज, धर्मशाला में कांग्रेस ने कर दिया बड़ा 'खेला' नहीं हुआ चुनाव

शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस पार्षदों ने कर दिया वॉकआउट नहीं हुए चुनाव

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Himachal Pradesh News

शिमला। हिमाचल प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों में आज सोमवार नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण के साथ ही मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना था। इस सियासी घमासान के बीच मंडी और पालमपुर नगर निगम को तो उनके नए मुखिया मिल गए, जहां खास बात यह रही कि दोनों ही जगह सत्ता की कमान महिलाओं के हाथों में सौंपी गई है। हालांकि, दूसरी तरफ पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी को सोलन और धर्मशाला नगर निगम में तगड़ा झटका लगा है। धर्मशाला में जहां कांग्रेस पार्षदों ने बड़ा खेला कर दिया, वहीं सोलन में भी कोरम पूरा न होने की वजह से चुनाव को टालना पड़ा।

मंडी और पालमपुर में महिला राज

भले ही दोनों नगर निगमों में मेयर का पद अनारक्षित था, लेकिन सूबे की राजनीति में महिलाओं ने अपना परचम लहराया है। मंडी नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता सुमन ठाकुर को मेयर और जितेंद्र शर्मा को डिप्टी मेयर चुना गया है। सुमन ठाकुर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह लगातार पांचवीं बार पार्षद का चुनाव जीतकर आई हैं।

 

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इसी तरह से पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस को बहुमत मिला था। कुल 15 वार्डों में से 11 पर कब्जा जमाने वाली कांग्रेस ने पहली ही बैठक में सर्वसम्मति से स्थानीय विधायक आशीष बुटेल की करीबी राधा सूद को महापौर और नीलम मलिक को उप महापौर चुन लिया।

धर्मशाला में कांग्रेस का वॉकआउट

सबसे दिलचस्प और हाई-वोल्टेज ड्रामा धर्मशाला नगर निगम में देखने को मिला। यहां जिलाधीश हेमराज बेरवा ने सभी 17 नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाई। चुनावी नतीजों के मुताबिक 17 में से 11 सीटों के साथ भाजपा के पास यहां प्रचंड बहुमत है, जबकि कांग्रेस के पास केवल 5 सीटें हैं।

कांग्रेस पार्षदों ने ऐसे किया खेला

यहां शपथ ग्रहण के ठीक आधे घंटे बाद मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना था। लेकिन जैसे ही चुनावी प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, कांग्रेस के सभी पार्षद अचानक बैठक छोड़कर बाहर चले गए। नियम के मुताबिक चुनाव के लिए कम से कम 13 पार्षदों (कोरम) की मौजूदगी जरूरी थी, लेकिन अंदर सिर्फ भाजपा के 11 पार्षद ही रह गए। कोरम पूरा न होने के कारण जिलाधीश को चुनाव स्थगित करना पड़ाए जो अब तीन दिन बाद दोबारा बुलाया जाएगा।

 

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सुधीर शर्मा बोले-जनादेश से भाग रही कांग्रेस

इस सियासी उलटफेर पर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा भड़क उठे। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के पार्षद जनादेश का अपमान कर रहे हैं और जानबूझकर चुनावों को टाल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस का यही अड़ियल रवैया रहा, तो भाजपा इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी। सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी तंज कसा और कहा कि मुख्यमंत्री गारंटियों की घोषणाएं करने के लिए ऐसी जगहें (जैसे बड़ा भंगाल) ढूंढते हैं जहां जनसंख्या बेहद कम होती है, ताकि अपनी नाकामी छुपा सकें।

 

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सोलन में भी रिपीट हुआ वही सीन

धर्मशाला की ही तरह सोलन नगर निगम में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सोलन में भी भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला था और पार्टी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थी। लेकिन ऐन वक्त पर विपक्षी पार्षदों की रणनीति के कारण यहां भी कोरम पूरा नहीं हो सका। नतीजा यह हुआ कि सोलन में भी मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी का फैसला फिलहाल लटक गया है।

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