शिमला। हिमाचल की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का नाम जिस रोहड़ू से लंबे समय तक जुड़ा रहा। उसी क्षेत्र में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने राजनीतिक चर्चा को गर्म कर दिया है। CM सुक्खू के स्वागत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम में सुक्खू के समर्थन में नारे भी सुनाई दिए।
वीरभद्र के गढ़ में बदला नजारा
रोहड़ू को लंबे समय तक वीरभद्र सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि के तौर पर देखा गया है। वीरभद्र सिंह यहां से पांच बार विधायक रहे थे। परिसीमन के बाद उन्होंने शिमला ग्रामीण से चुनाव लड़ा। ऐसे में इस क्षेत्र में CM सुक्खू के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से भी देखा जा रहा है।
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न विक्रमादित्य, न प्रतिभा सिंह
कार्यक्रम की चर्चा का एक अहम पहलू दो नेताओं की गैरमौजूदगी भी रही। CM सुक्खू के दौरे के दौरान वीरभद्र सिंह के परिवार से जुड़े दो प्रमुख राजनीतिक चेहरे- लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मौजूद नहीं थे। ऐसे में CM सुक्खू का अकेले इस क्षेत्र में लोगों के बीच पहुंचना और स्थानीय स्तर पर मिल रहा स्वागत राजनीतिक नजरिए से चर्चा का विषय बना।
CM सुक्खू के रामपुर-रोहड़ू दौरे के मायने
रोहड़ू में CM सुक्खू की मौजूदगी और बड़ी संख्या में लोगों का जुटना ऐसे समय में हुआ है जब हिमाचल कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं की राजनीतिक सक्रियता लगातार चर्चा में रहती है। इसलिए इस कार्यक्रम को सिर्फ सरकारी दौरे के तौर पर नहीं, बल्कि कांग्रेस की स्थानीय राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
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क्या सियासत में दिखेगा असर?
फिलहाल इतना जरूर है कि जिस रोहड़ू को लंबे समय तक वीरभद्र सिंह की मजबूत राजनीतिक पहचान से जोड़ा जाता रहा, वहां मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन दिवसीय दौरे के दौरान सीधे जनता के बीच पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अब इस कार्यक्रम का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में कांग्रेस की स्थानीय सियासत और नेताओं की प्रतिक्रियाओं में दिखाई देता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
लोगों से सीधे संवाद ने खींचा ध्यान
CM सुक्खू का तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर दौरा कई मायनों में खास रहा। CM सुक्खू ने इन तीन दिनों में सिर्फ विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास ही नहीं किए- बल्कि दूरदराज के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के बीच रात बिताई। इसके साथ-साथ लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई बड़ी घोषणाएं कीं।
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रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों में करीब 415.80 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं को हरी झंडी मिली। वहीं, नशे के खिलाफ अभियान, सड़क बहाली, स्कूलों के नए भवन और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सरकार ने कई अहम ऐलान किए।
CM ने क्या-क्या घोषणाएं की?
- रोहड़ू में CM सुक्खू ने PM श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के नए भवन के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
- चिड़गांव में जनसभा की और कई बड़ी घोषणाएं कीं।
- दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की घोषणा की।
- MIS के तहत सेब का खरीद मूल्य 1 रुपये बढ़ाने का ऐलान किया।
- संदासू CHC को सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने की घोषणा।
- समरकोट में सब-तहसील खोलने का ऐलान किया।
- चिड़गांव में SDM कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने की बात कही।
- जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को CBSE के तहत लाने की घोषणा।
- बरशील पुल को वाहनों के लिए खोलने का आश्वासन दिया।
- चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने की बात।
- पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के लिए 5 लाख रुपये देने की बात।
- टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत होने की जानकारी। इससे सेब बागवानों को फायदा होने की बात कही गई।
- भटवाड़ी गांव में महिला मंडलों को 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की।
- जांगला सड़क को 10 दिन में बहाल करने के निर्देश।
- जांगला पुल के निर्माण में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त 4 करोड़ रुपये।
- थैंटवाड़ी के आपदा प्रभावित क्षेत्र के लिए 2 करोड़ रुपये।
- काशा-पाट के लिए नए स्कूल भवन के लिए 2 करोड़ रुपये।
- काशा-पाट खेल मैदान विकसित करने की घोषणा।
- काशा-पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने का प्रयास।
- रामपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के नए भवन के लिए 2 करोड़ रुपये की घोषणा।
- तकलेच स्कूल को CBSE के तहत लाने की घोषणा की।
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पूरे तीन दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा
तीन दिन में रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों को कुल 89 विकास परियोजनाएं मिलीं- जिनकी कुल लागत करीब 415.80 करोड़ रुपये है।
- रोहड़ू- 61 परियोजनाएं, राशि 182.87 करोड़
- रामपुर- 28 परियोजनाएं, राशि 232.93 करोड़
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कहां-कहां ठहरे CM सुक्खू?
- भटवाड़ी में खास रहा CM का रात्रि प्रवास
पहले दिन CM रोहड़ू के भटवाड़ी गांव पहुंचे। यहां 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों से सीधे बातचीत की। खास बात यह रही कि CM ने रात ग्रामीण क्षेत्र में ही रुककर लोगों की समस्याएं सुनीं।
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- काशा-पाट में बिताई रात
दूसरे दिन CM रामपुर विधानसभा क्षेत्र के शिंगला और काशा-पाट पहुंचे। यह दौरे का सबसे अलग पहलू रहा। CM ने काशा-पाट के ग्रामीण के घर रात्रि ठहराव किया। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और CM ने ग्रामीणों के साथ नाटी में भी हिस्सा लिया।
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सबसे खास सियासी संदेश
इस पूरे दौरे में तीन चीजें खास तौर पर दिखाई दीं-गांव में रात्रि प्रवास, मौके पर जनता की समस्याएं सुनना और तत्काल घोषणाएं करना। साथ ही रोहड़ू और रामपुर दोनों जगह एंटी-चिट्टा रैली में शामिल होकर CM ने नशे के खिलाफ सरकार की प्राथमिकता दोहराई।
कांग्रेस के भीतर संदेश की चर्चा
रोहड़ू में CM सुक्खू की मौजूदगी और बड़ी संख्या में लोगों का जुटना ऐसे समय में हुआ है जब हिमाचल कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं की राजनीतिक सक्रियता लगातार चर्चा में रहती है। इसलिए इस कार्यक्रम को सिर्फ सरकारी दौरे के तौर पर नहीं, बल्कि कांग्रेस की स्थानीय राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
