शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। प्रदेश के कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आई हैं। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में हालात बेहद गंभीर हो गए जब आज सुबह नाले में बाढ़ आने से घरों और होटलों में पानी भर गया। इसके अलावा, भूस्खलन के कारण कई वाहन मलबे में दब गए हैं।
चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर लैंडस्लाइड, बस पलटी
भारी बारिश के चलते आज सुबह चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जब मनाली से पठानकोट जा रही एक निजी बस बनाला के पास पहुंची, तो अचानक पहाड़ी से मलबा गिरने लगा। देखते ही देखते लैंडस्लाइड की चपेट में आकर बस सड़क किनारे पलट गई और एक दीवार से टकराकर रुक गई।
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हादसे में बस चालक जसवंत सिंह, कंडक्टर अंकुश और दो अन्य यात्री घायल हो गए। सभी घायलों को नगवाईं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यदि बस दीवार से टकराने के बजाय खाई में गिर जाती, तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। हालांकि, लैंडस्लाइड के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है और प्रशासन मार्ग को खोलने में जुटा हुआ है।
प्रदेशभर में लैंडस्लाइड से सड़कें बाधित
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लैंडस्लाइड के चलते सड़क मार्ग बाधित हो गया है।
- शिमला-किन्नौर हाईवे बंद: शिमला को किन्नौर से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-5 निगुलसरी के पास भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है।
- होली-चंबा सड़क अवरुद्ध: चंबा जिले में होली-चंबा सड़क मार्ग पर गरोला के पास भूस्खलन हुआ, जिससे यह मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।
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- प्रदेशभर में जलभराव की स्थिति: कई स्थानों पर नाले उफान पर हैं, जिससे स्थानीय बस्तियों में पानी भर गया है। कुल्लू जिले में कई घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
444 सडक़ों पर ट्रैफिक बंद
हिमाचल में शुक्रवार सुबह 11 बजे तक 444 सडक़ों पर ट्रैफिक को ब्रेक लग गया है। इसमें नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई लेकर जा रहे ट्रक अलग-अलग जगहों पर खड़े हो गए हैं। बसों की आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। शिमला को किन्नौर और अप्पर शिमला से जोडऩे वाले नेशनल हाईवे 305 और एनएच-5 ठप हो गए हैं।
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इन क्षेत्रों में रामपुर, रोहड़ू समेत किन्नौर में यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है और सैकड़ों वाहन अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं। मौसम विभाग ने अभी भी आगामी चौबीस घंटे तक मौसम के खराब बने रहने की संभावना जताई है। इससे हालात और खराब हो सकते हैं।
ऊना में भारी बारिश, गेहूं की फसल खेतों में बिछी
जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार देर शाम से हो रही मूसलाधार बारिश जारी है। इससे गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रही बारिश तथा तेज हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खरयालता डीहर धनेत सहित अन्य स्थानों पर गेहूं की लहलहाती फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह होती रही तो फसल खेतों में सड़ जाएगी।
चंबाघाट फ्लाईओवर के नीचे भरा पानी
सोलन जिलेभर में देर रात से जोरदार बारिश हो रही है। इससे कई जगह पानी भर रहा है, वहीं कालका-शिमला एनएच पर भी जगह-जगह पत्थर गिर रहे हैं। जिले के एचआरटीसी के देर रात से 9 स्थानीय रूट भी बारिश के चलते बंद पड़े हैं। अगर बारिश इसी क्रम में चलती रही तो कई और रूट बंद होने के आसार हैं।
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प्रशासन की अपील, सतर्क रहें
प्रदेश में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, लेकिन बीती रात से बारिश का दौर और तेज हो गया है, जिससे कई नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि पुलिस मौके पर तैनात है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
सरकार ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा न करने और संवेदनशील क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
