शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रदेश के कांगड़ा जिला में एक आधुनिक शहर बसाने जा रही है। यह आधुनिक शहर कांगड़ा एयरपोर्ट के नजदीक बसाया जाएगा। जिसमें हर तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके लिए 10 हजार बीघा जमीन का भी चयन कर लिया गया है। लेकिन एक बड़ा सवाल अब भी यही है कि आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल की सुक्खू सरकार इस शहर को कैसे बसाएगी। इसके लिए पैसा कहां से आएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस शहर बसाएगी सरकार
दरअसल हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार अब प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा और आधुनिक शहर बसाने की तैयारी में है। यह शहर कोई साधारण नगर नहीं, बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक स्मार्ट सिटी होगा। जो प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) को सौंपी है।
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10 हजार बीघा जमीन का किया चयन
इस शहर का निर्माण कांगड़ा एयरपोर्ट से करीब 10 किलोमीटर दूर लंज और तियारा क्षेत्र में होगा। जिसके लिए लंज और तियारा में लगभग 10,000 बीघा भूमि इस परियोजना के लिए चिन्हित की गई है। यह क्षेत्र गगल एयरपोर्ट और फोरलेन हाईवे के समीप स्थित है, जिससे यह आवागमन के लिहाज से भी अत्यंत उपयुक्त माना जा रहा है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह स्थल का निरीक्षण कर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
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कांगड़ा बनेगा आधुनिक शहरी केंद्र
इस टाउनशिप को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र, पार्किंग, खेल मैदान, सीवरेज सिस्टम, भूमिगत विद्युत लाइनें और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इस परियोजना से कांगड़ा न केवल राज्य का शहरी और आर्थिक केंद्र बनेगा, बल्कि इसे भविष्य में राजधानी के विकल्प के रूप में भी देखा जा सकता है।
शहरी विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार ड्रोन सर्वे और वीडियोग्राफी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। अब भूमि परीक्षण और अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। औपचारिकताएं पूरी होते ही जमीन का हस्तांतरण और निर्माण कार्य शुरू होगा।
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नरघोटा प्रोजेक्ट से ली सीख
धर्मशाला के नरघोटा में प्रस्तावित टाउनशिप प्रोजेक्ट पूर्व सरकार के समय अधूरा रह गया था। तब 664 कनाल भूमि पर बनाए जाने वाले आवासीय प्रोजेक्ट को बाद में पर्यटन विभाग को सौंप दिया गया, जिसके चलते हिमुडा को 73 खरीदारों की अग्रिम राशि लौटानी पड़ी थी। सुक्खू सरकार ने अब उस अनुभव से सीख लेते हुए लंज टाउनशिप को निवेशक अनुकूल और पारदर्शी मॉडल पर तैयार करने का निर्णय लिया है।
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रोजगार और निवेश के नए अवसर
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से न केवल शहरीकरण को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार, रियल एस्टेट, कारोबार और शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक अवसर पैदा होंगे।
कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि यह प्रोजेक्ट स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करेगा। हिमुडा के अधिशासी अभियंता अनिल सूद ने कहा कि लंज और तियारा क्षेत्र इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी और इसे आधुनिक जीवनशैली का मॉडल टाउन बनाया जाएगा।
