शिमला। हिमाचल प्रदेश में शराब से जुड़े नियमों को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। सुक्खू सरकार की नई आबकारी नीति 2026.27 शराब के शौकीनों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। नई नीति के तहत अब लोग अपने साथ पहले से अधिक मात्रा में शराब रख सकेंगे, वहीं शादी-समारोह और निजी आयोजनों में भी शराब रखने की सीमा को स्पष्ट और आसान बना दिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे जहां लोगों को सुविधा मिलेगी, वहीं अवैध शराब पर भी लगाम लगेगी।
नई आबकारी नीति में शराबियों की बल्ले बल्ले
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति लागू करते हुए शराब रखने और ले जाने के नियमों में अहम संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत अब व्यक्तिगत उपयोग, घरेलू भंडारण और सामाजिक आयोजनों के लिए शराब की निर्धारित सीमा को स्पष्ट कर दिया गया है, जिससे वर्षों से चल रहा भ्रम समाप्त हो गया है। वहीं शराब के शौकीन लोगों को भी सुक्खू सरकार ने बड़ी राहत दे दी है।
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अब अपने साथ ले जा सकेंगे ज्यादा शराब
नई नीति के अनुसार सुक्खू सरकार ने व्यक्तिगत रूप से अब कोई भी व्यक्ति "केवल हिमाचल प्रदेश में बिक्री के लिए" अंकित शराब की अधिकतम 6 बोतलें अपने साथ रख सकता है। इसके अलावा वाइन और बियर की निर्धारित संख्या भी साथ ले जाने की अनुमति दी गई है।
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व्यक्ति फॉर सेल इन हिमाचल प्रदेश अंकित 750 मिली की अंग्रेजी या देसी शराब 6 बोतलों को ले जाया जा सकता है। इसके अलावा 24 बोतल वाइन और 24 बोतल बियर की भी ले जाया जा सकता है या फिर 2000 मिली की 2 बोतलों को अपने साथ कैरी कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि यह सीमा व्यक्तिगत उपयोग को ध्यान में रखकर तय की गई है ताकि आम लोगों को अनावश्यक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
शादी-समारोह के लिए मिली बड़ी राहत
सुक्खू सरकार की नई आबकारी नीति के तहत अब हिमाचल में शादी सहित अन्य समारोह के लिए भी नियमों को आसान बनाया गया है। अब निर्धारित शुल्क जमा कर आयोजक अंग्रेजी शराब और बियर की अधिक पेटियां रखने का परमिट ले सकते हैं। पहले जहां अनुमति प्रक्रिया को जटिल माना जाता था, वहीं अब मांग के अनुसार परमिट जारी करने की व्यवस्था की गई है, जिससे आयोजकों को सुविधा मिलेगी। सरकार ने इसके लिए दो कैटेगिरी तय की हैं।
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कार्यक्रम में 18 पेटी की मिलेगी अनुमति
पहली कैटेगिरी में लोग विभाग के पास 1500 रुपए शुल्क अदा कर 8 पेटी अंग्रेजी शराब और 10 पेटी बियर का परमिट ले सकते हैं। इसके अलावा दूसरे विकल्प में विभाग के पास दो हजार रुपए का शुल्क अदा कर इससे अधिक शराब पेटियों का परमिट ले सकते हैं, लेकिन दो हजार शुल्क के बाद कितनी शराब दी जाएगी, यह मौके पर अधिकारी तय करेंगे। दोनों ही विकल्पों में शराब सिर्फ फॉर सेल इन हिमाचल ही होना अनिवार्य है।
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घर में शराब रखने के लिए तय किए नए विकल्प
हिमाचल प्रदेश में आबकारी नियमों के तहत सरकार ने घर में शराब रखने को लेकर भी अलग-अलग विकल्प तय किए हैं। वार्षिक, तीन वर्षीय और लाइफटाइम परमिट के माध्यम से तय सीमा तक शराब रखने की अनुमति दी गई है।
- पहले विकल्प में कोई भी व्यक्ति सालाना 1500 रुपये शुल्क जमा कर निर्धारित सीमा तक शराब घर में रख सकता है, जिसमें 36 बोतल अंग्रेजी शराब तथा 48 बोतल बियर या वाइन शामिल हैं।
- दूसरे विकल्प के तहत तीन वर्ष के लिए 2500 रुपये शुल्क देकर यही मात्रा रखने की अनुमति मिलती है।
- तीसरे विकल्प में एकमुश्त 10,500 रुपये जमा कर आजीवन परमिट भी लिया जा सकता है।
सभी मामलों में यह अनिवार्य रहेगा कि शराब की बोतलों पर "केवल हिमाचल प्रदेश में बिक्री के लिए" अंकित हो, ताकि वैध कर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। निर्धारित सीमा से अधिक शराब मिलने या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में एफआईआर दर्ज करने या 25 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
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राजस्व बढ़ाने और अवैध कारोबार रोकने पर फोकस
आबकारी विभाग का मानना है कि स्पष्ट नियम लागू होने से अवैध शराब की आवाजाही पर रोक लगेगी और प्रदेश को राजस्व नुकसान नहीं होगा। साथ ही लाइसेंसधारी दुकानदारों के हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। सरकार का दावा है कि नई नीति आम उपभोक्ताओं को सुविधा देने और सिस्टम को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
