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May 28, 2026
हिमाचल BJP नेता हारी प्रधानी का चुनाव, 581 वोटों से मिली करारी हार- रह चुकी है जिला परिषद
पिछले साल भारी मतों से जीती थी रजनी ठाकुर
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के सराज विधानसभा क्षेत्र की कांडा बगस्याड पंचायत में हुए पंचायत चुनाव के नतीजों ने स्थानीय राजनीति में बड़ा संदेश दे दिया है। भाजपा की चर्चित नेत्री और पूर्व जिला परिषद सदस्य द्रोपती देवी उर्फ रजनी ठाकुर को प्रधान पद के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इस हार को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। 26 मई को हुए पहले चरण के मतदान में कांडा बगस्याड पंचायत के मतदाताओं ने इस बार अलग ही फैसला सुनाया।
प्रधान पद की उम्मीदवार दमयंती देवी ने 803 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। जबकि रजनी ठाकुर को केवल 222 मत मिले। इस तरह उन्हें 581 वोटों के बड़े अंतर से हार झेलनी पड़ी।
राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली मानी जाने वाली रजनी ठाकुर की यह हार इसलिए भी अहम मानी जा रही है- क्योंकि पिछले जिला परिषद चुनाव में उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई थी।
सराज क्षेत्र में भाजपा की सक्रिय और प्रभावशाली महिला नेताओं में उनकी गिनती होती रही है। पूर्व भाजपा सरकार के दौरान उन्हें कॉपरेटिव बैंक का निदेशक भी बनाया गया था। ऐसे में अपनी ही पंचायत में अपेक्षा से बेहद कम वोट मिलना राजनीतिक हलकों में हैरानी का विषय बन गया है।
चुनाव परिणाम के बाद पंचायत स्तर पर बदले समीकरणों की चर्चा भी खुलकर होने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार गांवों में अंदरूनी नाराजगी, गुटबाजी और स्थानीय मुद्दों का असर साफ दिखाई दिया। कई मतदाताओं ने विकास कार्यों और जनसंपर्क को मुख्य मुद्दा मानते हुए मतदान किया। यही कारण रहा कि चुनावी मुकाबले में पूरी तस्वीर बदल गई।
मतगणना पूरी होते ही जहां विजयी पक्ष के समर्थकों में उत्साह और जश्न का माहौल दिखा। वहीं रजनी ठाकुर के समर्थकों के लिए यह परिणाम किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। गांवों में लोग इस चुनाव को पंचायत स्तर का बड़ा राजनीतिक उलटफेर मान रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव ने साफ कर दिया है कि अब ग्रामीण राजनीति में सिर्फ बड़ा नाम या पुराना प्रभाव ही काफी नहीं है। मतदाता स्थानीय कामकाज, जनसंपर्क और जमीनी मौजूदगी के आधार पर अपना फैसला दे रहे हैं। कांडा बगस्याड पंचायत का यह परिणाम आने वाले समय में सराज क्षेत्र की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।