#विविध
May 28, 2026
हिमाचल में गजब मामला: चुनाव ड्यूटी छोड़ प्रचार करने चला गया मतदान अधिकारी, गिरी बड़ी गाज
अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार, तबीयत बिगड़ने की कही बात
शेयर करें:

कांगड़ा। लोकतंत्र के सबसे जमीनी पर्व यानी पंचायत चुनाव के दौरान हिमाचल प्रदेश से प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा अजब-गजब मामला सामने आया है, जिसने पूरे चुनावी अमले को हैरान कर दिया है। कांगड़ा जिला के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर क्षेत्र की बगड़ोली पंचायत में एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया, जहां निष्पक्ष चुनाव करवाने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक पोलिंग ऑफिसर खुद ही चुनावी अखाड़े में उतर गए।
आरोप है कि महाशय अपनी वीआईपी सरकारी ड्यूटी को बीच रास्ते में ही रामभरोसे छोड़कर एक प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगने के लिए निकल पड़े। जैसे ही इस गंभीर कोताही की भनक उच्चाधिकारियों को लगी] वैसे ही आरोपी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार फतेहपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बगड़ोली में पंचायत चुनाव के लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी मतदान अधिकारी के रूप में लगाई गई थी। आरोप है कि मतदान प्रक्रिया से पहले ही वह ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित पाया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने उस पर अपने इलाके में चुनाव प्रचार करने के आरोप लगाए। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचते ही प्रशासन हरकत में आ गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 75.98 प्रतिशत मतदान, अब परिणामों पर टिकी सबकी नजरें
शिकायत मिलने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कांगड़ा ने मामले का संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित मतदान अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्पक्ष चुनाव करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के बाद जारी किया गया निलंबन आदेश अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पंचायत चुनावों के बीच हुई इस कार्रवाई ने अन्य चुनाव कर्मचारियों को भी सतर्क कर दिया है।
वहीं निलंबित किए गए कर्मचारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें उपचार के लिए घर जाना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि वह टीम को सूचित करके ही वहां से निकले थे और सुबह निर्धारित समय पर फिर से मतदान केंद्र पहुंच गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार में शामिल होने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। हालांकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल पंचायत चुनाव : नई-नवेली दुल्हन बनी प्रधान, एक महीना पहले ही हुई थी शादी
पंचायत चुनावों के दौरान सामने आए इस मामले के बाद प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर निगरानी और सख्त कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।