शिमला। पहाड़ों की शांत वादियों से उठकर प्रशासन के शीर्ष तक पहुंचे डॉ. तरुण श्रीधर एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पशु चिकित्सा व्यवस्था को नया चेहरा देने वाले सबसे अहम बिल की कमान हिमाचल कैडर के दिग्गज आईएएस डॉ. तरुण श्रीधर को सौंप दी है। केंद्र और राज्य सरकार में अपनी तेज़, साफ-सुथरी कार्यशैली से छाप छोड़ चुके श्रीधर अब उस उच्च स्तरीय कमेटी की अगुवाई करेंगे। पीएम मोदी उन पर क्यों इतना भरोसा करते हैं यह जिम्मेदारी खुद इसका सबसे बड़ा जवाब है।
हिमाचल के पूर्व IAS पर मोदी सरकार का भरोसा
केंद्र सरकार ने हिमाचल कैडर के अनुभवी और तेज-तर्रार पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. तरुण श्रीधर को एक अहम राष्ट्रीय भूमिका सौपी है। केंद्र व राज्य सरकार में अपनी विशिष्ट सेवा से पहचान बनाने वाले डॉ. श्रीधर को नेशनल वेटरीनरी कमीशन बिल का ड्राफ्ट तैयार करने वाली उच्च स्तरीय कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उनकी कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं, जिसका सीधा असर इस नियुक्ति में दिखाई देता है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: EC की रोक को दरकिनार कर सुक्खू सरकार ने पंचायतों के पुनर्गठन का लिया फैसला
क्यों खास है यह जिम्मेदारी?
भारत में अभी वेटरीनरी काउंसिल ऑफ इंडिया कार्यरत है। अब केंद्र सरकार पशु चिकित्सा शिक्षा, पेशेवर मानकों और रेगुलेशन को नया ढांचा देना चाहती है। इसके लिए नेशनल वेटरीनरी कमीशन बनाया जा रहा है। इसी कमीशन से जुड़े बिल को तैयार करने की कमान डॉ. तरुण श्रीधर को सौंपी गई है। इससे संबंधित मंत्रालय द्वारा इसका ऑफिस मेमोरेंडम भी जारी हो चुका है। कमेटी में कुल 8 सदस्य होंगे, जिसमें एक सदस्य सचिव भी शामिल है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: 2 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का निर्णय, 800 पुलिस कांस्टेबलों की होगी भर्ती
डॉ. तरुण श्रीधर: अनुभव और उपलब्धियों वाला सफर
1984 बैच के आईएएस अधिकारी रहे डॉ. तरुण श्रीधर हिमाचल सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद तक पहुंचे। केंद्र में पशुपालन व मत्स्य मंत्रालय के सचिव रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि देश के पशुओं का राष्ट्रीय डाटाबेस विकसित करना, जिसमें उनकी नेतृत्वकारी भूमिका रही। लेखक-स्वरूप अधिकारी होने के कारण वे कृषि, पशुपालन व ग्रामीण विषयों पर लगातार लेखन करते रहे हैं। नई जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि वे “इस दायित्व पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।”
यह भी पढ़ें : नहीं रहे बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
हिमाचल के अफसरों पर मोदी सरकार का खास भरोसा
मोदी सरकार में हिमाचल कैडर के अफसरों को लगातार बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं।
- तरुण कपूर : सोलर एनर्जी के जानकार रिटायर्ड आईएएस तरुण कपूर को पीएमओ में सलाहकार नियुक्त किया गया। वे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव रह चुके हैं।
- सुभाशीष पांडा : हिमाचल कैडर के आईएएस सुभाशीष पांडा वर्तमान में पीएमओ में एडिशनल सेक्रेटरी हैं।
अन्य बड़े पदों पर हिमाचली अफसर
- अजय मित्तल — कार्मिक मंत्रालय में सचिव
- अजय त्यागी — सेबी चेयरमैन
- डॉ. रणदीप गुलेरिया — एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक
- डॉ. राजबहादुर और डॉ. जगतपाल — एम्स व पीजीआई में प्रमुख भूमिकाएं
- डॉ. विनोद पाल — नीति आयोग के सदस्य; कोविड रणनीति के मुख्य आर्किटेक्ट
यह भी पढ़ें: हिमाचल पुलिस की नाक के नीचे से फरार हो रहे कैदी : उठने लगे कई सवाल, कौन देगा जवाब?
नई भूमिका से बढ़ी उम्मीदें
नेशनल वेटरीनरी कमीशन बिल भारत में पशु चिकित्सा क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी बनाने का आधार तैयार करेगा। इस बिल का ड्राफ्ट तैयार करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके लिए डॉ. तरुण श्रीधर का अनुभव बेहद कारगर माना जा रहा है। वे न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से सक्षम हैं, बल्कि पशुपालन सेक्टर की जमीन से जुड़ी समझ भी रखते हैं। यही वजह है कि इस जिम्मेदारी के साथ देश की उम्मीदें भी उनसे जुड़ गई हैं।
