नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। देवभूमि में नशे का काला कारोबार करने वाले अपराधियों को न केवल सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है, बल्कि अवैध कमाई से खड़े किए गए उनके विशाल आर्थिक साम्राज्य को भी पूरी तरह से ध्वस्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में कांगड़ा जिले के नूरपुर पुलिस जिला में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने नशा तस्करी के आरोपी से जुड़ी करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करवाई है। कार्रवाई के दायरे में होटल-कम-रेस्तरां, दुकानें, मोटर वाहन और बैंक खातों में जमा रकम तक शामिल रही।
1 किलो 852 ग्राम चरस के साथ पकड़ा था आरोपी
मामला डमटाल पुलिस थाने में दर्ज एनडीपीएस केस से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार 29 दिसंबर 2025 को आरोपी बलविंदर उर्फ बिल्ला, निवासी छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 1 किलो 852 ग्राम चरस बरामद होने का दावा पुलिस ने किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने केवल आपराधिक मामले की जांच तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि आरोपी की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी पड़ताल शुरू कर दी।
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नशे की कमाई से खड़ा किया साम्राज्य जांच के घेरे में
वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई। जांच में ऐसी संपत्तियां और वित्तीय संसाधन सामने आए, जिनका संबंध पुलिस के मुताबिक नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से पाया गया। इसके बाद संबंधित संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें अस्थायी रूप से फ्रीज और प्रतिबंधित किया गया। कार्रवाई में होटल-कम-रेस्तरां, दुकानें, मोटर वाहन और बैंक खातों में उपलब्ध धनराशि शामिल रही।
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होटल, गाड़ियां और बैंक खातों तक पहुंचा पुलिस का शिकंजा
नशा तस्करी से अर्जित कथित अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर कार्रवाई ने तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को सीधा झटका दिया है। पुलिस ने आरोपी से जुड़ी संपत्तियों की वित्तीय जांच पूरी कर रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली के समक्ष भेजी। जांच में आरोपी से जुड़ी संपत्तियों की कीमत करीब 3.32 करोड़ रुपये आंकी गई। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने 9 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर 3,32,30,941 रुपये मूल्य की संपत्ति की जब्ती की पुष्टि कर दी।
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17 मामलों में करीब 30 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई
नूरपुर पुलिस की कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित नहीं है। पुलिस के अनुसार इस साल 10 सितंबर तक नशे के अवैध कारोबार से जुड़े 17 मामलों में कुल 29 करोड़ 95 लाख 92 हजार 857 रुपये की संपत्ति जब्त करवाई जा चुकी है। इसके अलावा कुछ अन्य मामलों में भी आरोपियों की संपत्तियों से संबंधित कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली के समक्ष विचाराधीन है।
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जेल के साथ आर्थिक साम्राज्य पर भी वार
नशा कारोबार के खिलाफ पुलिस की रणनीति में अब आर्थिक मोर्चे पर कार्रवाई को भी अहम हथियार बनाया जा रहा है। तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ-साथ यह पता लगाया जा रहा है कि नशे के कारोबार से हासिल धन से कौन-कौन सी संपत्तियां बनाई गईं।
