ऊना। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित प्राची हत्याकांड में अदालत द्वारा आरोपी आसिफ मोहम्मद को दोषी ठहराए जाने के बाद उसके परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। अदालत के फैसले के कुछ ही घंटों बाद आरोपी के पिता ताज मोहम्मद का हृदयाघात से निधन हो गया।
बेटे को सजा, पिता की मौत
एक तरफ बेटे के खिलाफ आए फैसले की चिंता और दूसरी ओर अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ताज मोहम्मद की मौत के बाद अब उसके परिवार में सिर्फ उसकी पत्नी अकेली रह गई है।
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आसिफ को हुई उम्रकैद
जानकारी के अनुसार उपमंडल अंब के प्रतापनगर से जुड़े इस मामले में मंगलवार को अदालत ने आरोपी आसिफ मोहम्मद को प्राची हत्याकांड में दोषी करार दिया था। अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बाद पूरे परिवार में चिंता और तनाव का माहौल था।
सजा से परेशान हुआ पिता
परिजनों के मुताबिक ताज मोहम्मद बेटे के भविष्य को लेकर बेहद परेशान थे और अदालत के फैसले के बाद से मानसिक रूप से काफी दबाव में थे। बताया जा रहा है कि देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
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दिल का दौरा पड़ने से मौत
परिवार के सदस्यों ने उन्हें संभालने का कोशिश की, लेकिन स्थिति तेजी से गंभीर होती चली गई। इससे पहले कि उन्हें उचित चिकित्सीय सहायता मिल पाती, उन्हें हृदयाघात आया और उनका निधन हो गया। ताज मोहम्मद की मौत की खबर फैलते ही परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
पूरे इलाके में गम का माहौल
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार पहले ही बेटे के खिलाफ आए अदालत के फैसले से सदमे में था। उसके बाद हुई इस घटना ने पूरे घर को गमगीन माहौल में डुबो दिया। क्षेत्र के लोगों ने भी इस दुखद घटनाक्रम पर संवेदना व्यक्त की है।
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माता-पिता का इकलौता बेटा था
सूत्रों के अनुसार, आसिफ मोहम्मद अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। परिवार में पिता ताज मोहम्मद, माता जेसमीन और आसिफ ही रहते थे। ऐसे में एक ओर बेटे का हत्या के मामले में दोषी ठहराया जाना और दूसरी ओर पिता का अचानक निधन होना परिवार के लिए दोहरा आघात साबित हुआ है।
घर में अकेली रह गई मां
अब घर में केवल उसकी मां जेसमीन ही रह गई हैं, जिन पर दुखों का भारी बोझ आ पड़ा है। पिता की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपी आसिफ मोहम्मद को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसके घर लाया गया- ताकि वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।
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कब्रिस्तान में आया आसिफ
सुरक्षा कारणों से पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी रही। घर के पास स्थित कब्रिस्तान में ताज मोहम्मद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और रिश्तेदारों की आंखें नम थीं। बेटे ने भी पिता को अंतिम विदाई दी। सभी धार्मिक और पारंपरिक रस्में पूरी होने के बाद पुलिस आरोपी को दोबारा अपने साथ ले गई।
पूरे प्रदेश को झकझोरा
प्राची हत्याकांड पहले ही पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था। मगर अदालत के फैसले के बाद आरोपी के परिवार में घटी इस दुखद घटना ने मामले को एक नया भावनात्मक पहलू दे दिया है। एक ही परिवार पर इतने कम समय में आए दो बड़े आघातों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्षेत्र में इस घटना की चर्चा लगातार बनी हुई है और लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
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क्या है पूरा मामला?
मामला पांच अप्रैल 2022 का है, जब अंब के प्रताप नगर क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी प्राची राणा घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी अखबार बांटने वाला आसिफ मोहम्मद जबरन घर में घुस गया और पेपर कटर से गला रेतकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
घर पर अकेली थी 15 वर्षीय प्राची
घटना के समय प्राची के माता-पिता घर से बाहर गए हुए थे, जबकि उसकी छोटी बहन स्कूल में थी। जब परिवार के सदस्य घर लौटे तो उन्होंने प्राची को खून से लथपथ हालत में पाया। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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गला रेत कर दी हत्या
सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और अन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
28 गवाह किए गए पेश
जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और जबरन घर में घुसने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 28 गवाह पेश किए। इन गवाहों में पुलिस अधिकारियों के अलावा मामले की जांच से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण लोग भी शामिल थे। गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और वैज्ञानिक तथ्यों को अदालत ने गंभीरता से परखा।
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आसिफ को दोषी ठहराया गया
पीड़ित पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी एकलव्य ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं। इसके बाद अदालत ने उसे हत्या का दोषी करार दिया।
