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July 17, 2026
सुक्खू सरकार का सबसे बड़ा मास्टर प्लान: हिमाचल में 300 से भी अधिक बढ़ेंगी PG मेडिकल सीटें
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सुक्खू सरकार का बड़ा दांव
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सुक्खू सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल सीटों में रिकॉर्ड स्तर की बढ़ोतरी का खाका तैयार किया है।
यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है तो हिमाचल प्रदेश में पीजी मेडिकल सीटों की संख्या 277 से बढ़कर सीधे 597 हो जाएगी। यानी सीटों में दोगुने से भी अधिक बढ़ोतरी होगी। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा इतिहास में एक ही चरण में इतनी बड़ी बढ़ोतरी पहली बार देखने को मिल सकती है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को एक साथ मजबूत करने की रणनीति तैयार की गई है। सरकार का लक्ष्य केवल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की नई पीढ़ी तैयार करना है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों और दूसरे राज्यों की ओर रुख न करना पड़े।
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प्रस्तावित योजना के अनुसार प्रदेश के सभी प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का विस्तार किया जाएगा।

अब तक बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र पीजी की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने को मजबूर होते थे। सीटों की सीमित उपलब्धता के कारण कई प्रतिभाशाली छात्रों को अवसर नहीं मिल पाता था। नई योजना लागू होने के बाद हिमाचल के विद्यार्थियों को अपने ही प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे आर्थिक बोझ भी कम होगा और प्रदेश में चिकित्सा प्रतिभाओं का पलायन भी घटेगा।
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पीजी मेडिकल छात्र केवल पढ़ाई ही नहीं करते, बल्कि अस्पतालों में मरीजों के उपचार, शोध कार्यों और चिकित्सा सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सीटें बढ़ने का सीधा असर अस्पतालों की कार्यक्षमता पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में सर्जरी, मेडिसिन, स्त्री रोग, बाल रोग और अन्य विशेषज्ञ विभागों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।
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सरकार ने केवल सीटें बढ़ाने की घोषणा तक खुद को सीमित नहीं रखा है। पिछले तीन वर्षों में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर विशेषज्ञों के 218 नए पद भी सृजित किए जा चुके हैं। इन पदों के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने, विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ाने और पीजी शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, अत्याधुनिक जांच सुविधाएं, बेहतर शिक्षण संसाधन और आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना विकसित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं साथ-साथ विकसित हो सकें।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव धरातल पर पूरी तरह लागू हो जाता है तो हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होगा। 277 से 597 पीजी सीटों तक पहुंचने की यह यात्रा केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में हिमाचल को अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर मिलेंगे और लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।