#विविध

July 18, 2026

सुक्खू सरकार- विक्रमादित्य ने नहीं सुनी बात, तो ग्रामीणों ने खड्ड पर खुद ही बना दिया 100 फीट लंबा पुल

500 ग्रामीणों ने श्रमदान से एक महीने में बना दिया 100 फीट लंबा पुल

शेयर करें:

kullu bridge news

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने एक ओर ग्रामीण एकता की मिसाल पेश की है तो दूसरी ओर व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पुल के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले एक दशक से सरकार और प्रशासन के दरवाजे खटखटाते रहे, वह पुल आखिरकार लोगों ने खुद ही बना डाला।

 

गांव के कुछ लोगों की छोटी सी पहल देखते ही देखते जनआंदोलन में बदल गई और करीब 500 ग्रामीणों ने श्रमदान कर खड्ड पर लगभग 100 फीट लंबा लकड़ी का पुल तैयार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों तक विभागों और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने खुद ही अपनी समस्या का हल निकालने का फैसला किया। इस पहल को लोग सरकार और लोक निर्माण विभाग के लिए एक बड़ा संदेश भी मान रहे हैं।

10 साल से अधूरा सपना, लोगों ने खुद किया पूरा

कुल्लू जिले की भलाण-एक पंचायत के लोगों के लिए मनिहार खड्ड वर्षों से परेशानी का कारण बनी हुई थी। वर्ष 2016 में यहां बना पुल बाढ़ की भेंट चढ़ गया था, जिसके बाद हजारों लोगों का सीधा संपर्क मार्ग टूट गया। ग्रामीण लगातार पक्के पुल की मांग उठाते रहे, लेकिन समय बीतता गया और समस्या जस की तस बनी रही। हर बरसात में लोगों को जान जोखिम में डालकर खड्ड पार करनी पड़ती थी या फिर कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता था।

 

यह भी पढ़ें : अनुराग ठाकुर का तंज, सुक्खू सरकार की विदाई में ही हिमाचल की भलाई, रूक गया है प्रदेश का विकास

पांच लोगों ने लिया संकल्प, बन गई जनशक्ति

इस वर्ष पंचायत के नए प्रतिनिधियों ने समस्या का स्थायी समाधान निकालने का निर्णय लिया। पंचायत प्रधान विनोद शर्मा सहित पांच लोगों ने बैठकर फैसला किया कि अब इंतजार नहीं, बल्कि खुद काम किया जाएगा। शुरुआत में केवल पांच लोग पुल निर्माण के लिए मैदान में उतरे, लेकिन जैसे-जैसे गांव में यह संदेश पहुंचा, लोग स्वेच्छा से इस अभियान से जुड़ते चले गए। कुछ ही दिनों में यह संख्या सैकड़ों तक पहुंच गई और पूरा गांव एक लक्ष्य के लिए एकजुट हो गया।

500 ग्रामीणों का श्रमदान बना मिसाल

पुल निर्माण के लिए गांव के युवाओं, बुजुर्गों और अन्य लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। करीब 500 ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए दिन-रात मेहनत की और एक महीने के भीतर लगभग 100 फीट लंबा लकड़ी का पुल तैयार कर दिया। ग्रामीणों की इस एकजुटता ने साबित कर दिया कि यदि समाज किसी लक्ष्य के लिए संगठित हो जाए तो बड़े से बड़ा काम भी संभव हो सकता है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: बागवान की बेटी ने बिना कोचिंग NEET क्रैक कर रचा इतिहास: स्वयं अध्ययन-अनुशासन से पाया मुकाम

हजारों लोगों को मिली राहत

इस पुल के बनने से भलाण-एक, भलाण-दो, ज्येष्ठा, गड़सा और पारली सहित कई गांवों के लोगों को राहत मिली है। बताया जा रहा है कि करीब पांच हजार से अधिक लोगों की आवाजाही अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है। सबसे ज्यादा फायदा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को होगा, जिन्हें वर्षों से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

जान जोखिम में डालकर पार करनी पड़ती थी खड्ड

ग्रामीणों के अनुसार बरसात के मौसम में मनिहार खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ जाता था। ऐसे में लोगों का संपर्क बाहरी क्षेत्रों से लगभग कट जाता था। कई बार जरूरी काम, इलाज और शिक्षा से जुड़े मामलों में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि कुछ लोगों को जान जोखिम में डालकर खड्ड पार करनी पड़ती थी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल की बेटी ने एक साल में पास की 4 बड़ी परीक्षाएं, अब पहले प्रयास में क्रैक किया NEET Exam

साढ़े तीन लाख से अधिक की लागत

ग्रामीणों के अनुसार पुल निर्माण में साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की लागत आई। पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने आर्थिक सहयोग भी दिया, जबकि अधिकांश कार्य श्रमदान के माध्यम से पूरा किया गया। लोगों का कहना है कि यह केवल पुल नहीं, बल्कि ग्रामीण एकता, सहयोग और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

अब पक्के पुल की मांग

हालांकि लकड़ी का पुल बनने से तत्काल राहत मिली है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि मनिहार खड्ड पर जल्द से जल्द एक मजबूत और स्थायी पक्का पुल बनाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख