शिमला। हिमाचल के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा और अहम कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल सहित देश भर के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व पीजी सीटों में बढ़ोतरी करेगी। इस पहल से न केवल मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
केंद्र देगा 1.50 करोड़ प्रति सीट
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पीजी सीटों में वृद्धि के लिए आने वाला पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। हिमाचल प्रदेश में प्रत्येक पीजी सीट के लिए केंद्र सरकार करीब 1.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी। इससे राज्य पर आर्थिक बोझ कम होगा और मेडिकल कॉलेजों का तेजी से विस्तार संभव हो सकेगा।
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मेडिकल कॉलेजों के अपग्रेडेशन पर जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव तैयार करें। योजना के तहत नए पीजी कोर्स शुरू करने, मौजूदा सीटों में वृद्धि करने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए राज्यों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र को भेजनी होगी।
पहाड़ी राज्यों को मिलेगा खास लाभ
हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी महसूस की जा रही है। ऐसे में इस योजना के लागू होने से प्रदेश को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। सीटों में वृद्धि के साथ-साथ नए डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी।
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प्रदेश में पहले से जारी है सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया
प्रदेश सरकार भी मेडिकल शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटें बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत डॉ राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में 57, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 29, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 32, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में 33, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 67 और इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में 96 पीजी सीटें बढ़ाई जा रही हैं।
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स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के नए अवसर
इस पहल से जहां एक ओर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए मेडिकल शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
तेजी से लागू होंगी योजनाएं
केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे जल्द से जल्द अपने प्रस्ताव भेजें, ताकि योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पहल हिमाचल के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव लेकर आएगी।
