मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में निजी वाहन पर नियमों के विपरीत फ्लैग रॉड लगाने का मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया। इस प्रकरण में अदालत ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर पर 9,500 रुपये का जुर्माना लगाया।
निजी गाड़ी पर फ्लैग रॉड
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम मंडी शहर के सेरी मंच के पास पुलिस नियमित यातायात जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक निजी वाहन पर लगी फ्लैग रॉड पर पड़ी। नियमों के अनुसार निजी वाहनों पर बिना अधिकृत अनुमति के इस प्रकार की फ्लैग रॉड लगाना वैध नहीं माना जाता। पुलिस ने वाहन को रोककर जांच करने का प्रयास किया।
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पुलिस को देख भागा ड्राइवर
बताया गया कि वाहन कुछ समय के लिए रुका, लेकिन इसके बाद चालक ने अचानक वाहन को तेज गति से आगे बढ़ा दिया और मौके से निकल गया। पुलिस ने इसे जांच प्रक्रिया में सहयोग न करने के साथ-साथ यातायात नियमों और सरकारी निर्देशों की अवहेलना माना।
कोर्ट पहुंचा मामला
इसके बाद संबंधित वाहन का चालान किया गया और मामला आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने शुक्रवार को संबंधित पक्ष को पेश होने के निर्देश दिए थे।
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जिला कांग्रेस अध्यक्ष कोर्ट में पेश
सुनवाई के दौरान चंपा ठाकुर स्वयं उपस्थित नहीं हुईं, जबकि उनकी ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय में पक्ष रखा। पुलिस ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि जिस निजी वाहन पर फ्लैग रॉड लगी हुई थी, उसे अब हटा दिया गया है।
9,500 रुपये का जुर्माना लगा
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने मामले का निस्तारण करते हुए 9,500 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत का यह फैसला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि यातायात और मोटर वाहन नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से अनिवार्य है, चाहे संबंधित व्यक्ति किसी भी पद या राजनीतिक दल से जुड़ा क्यों न हो।
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यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले निजी वाहनों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। नियमों का उल्लंघन होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है और न्यायालय ऐसे मामलों में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय देता है।
