लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में चंद्रभागा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के कारण बर्फ और ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालात ऐसे हैं कि तीन गांवों का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है, जबकि कई पुलों और खेती की जमीन पर भी खतरा मंडराने लगा है।

चंद्रभागा के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता

जानकारी के अनुसार लाहौल घाटी में चंद्रभागा नदी उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके चलते जोबरंग, थापे और राशेल गांवों का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। वहीं जोबरंग गांव को जोड़ने वाले पुल पर भी खतरा मंडराने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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कई गांवों की जमीन भी खतरे की जद में

पट्टन घाटी के बाएं तट पर स्थित जसरथ गांव की जमीन पर भी नदी के कटाव का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा हालिंग, जाहलमा और तडंग गांवों के लोगों की कृषि भूमि भी चंद्रभागा नदी के बढ़ते जलस्तर की चपेट में आने की आशंका है।

बर्फ और ग्लेशियर पिघलने से बढ़ा जलस्तर

स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने के कारण ऊंची चोटियों पर जमी बर्फ और ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इसी वजह से चंद्रभागा नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है और नदी का बहाव पहले से अधिक तेज हो गया है।

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प्रशासन की नजर, लोगों से सतर्क रहने की अपील

बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी व पुलों के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं।

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