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July 21, 2026

हिमाचल: ऑन ड्यूटी सभी शिक्षकों को पास करना होगा TET, 2028 तक का दिया अल्टीमेटम; मांगी लिस्ट

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग सख्त, शुरू हुई बड़ी कवायद

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himachal teacher TET

शिमला। हिमाचल प्रदेश के उन हजारों शिक्षकों के लिए यह बड़ी और अहम खबर है, जिन्होंने अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों की पहचान और निगरानी की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रदेशभर के जिला उपनिदेशकों (प्रारंभिक शिक्षा) को निर्देश जारी कर उन सभी सेवारत शिक्षकों की सूची तैयार करने को कहा गया है, जो अभी तक TET पास नहीं कर पाए हैं। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्कूल शिक्षा व्यवस्था में हलचल मच गई है, क्योंकि आने वाले समय में ऐसे शिक्षकों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी।

2028 तक हर हाल में पास करनी होगी TET

शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन शिक्षकों ने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं की है, उन्हें 31 अगस्त 2028 तक हर हाल में यह योग्यता हासिल करनी होगी। यह व्यवस्था सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में लागू की जा रही है। विभाग का मानना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी शिक्षकों को आवश्यक शैक्षणिक पात्रता पूरी करनी होगी, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और भर्ती मानकों को एक समान बनाए रखा जा सके।

 

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15 दिन में मांगी गई पूरी जानकारी

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को ‘मोस्ट अर्जेंट’ श्रेणी का पत्र जारी कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। इस रिपोर्ट में उन शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड शामिल होगा जिन्होंने अभी तक TET पास नहीं किया है। साथ ही जिला स्तर पर उनके लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट भी निदेशालय को भेजनी होगी।

हर परीक्षा की सूचना शिक्षकों तक पहुंचाना अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने जिला अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि TET परीक्षा से जुड़ी हर जानकारी संबंधित शिक्षकों तक समय पर पहुंचे। परीक्षा कार्यक्रम, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की जाएगी, ताकि कोई भी शिक्षक अवसर के अभाव का हवाला न दे सके।

 

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अब होगी नियमित निगरानी

विभाग ने केवल सूची तैयार करने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि ऐसे शिक्षकों की प्रगति की नियमित समीक्षा का भी निर्णय लिया है। जिला स्तर पर यह रिकॉर्ड रखा जाएगा कि कितने शिक्षकों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया, कितने परीक्षा में शामिल हुए और कितनों ने TET उत्तीर्ण की। यह पूरी रिपोर्ट समय-समय पर शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी।

हजारों शिक्षक आ सकते हैं दायरे में

शिक्षा विभाग के इस फैसले से प्रदेश के बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। कई शिक्षक ऐसे हैं जो वर्षों से सेवा में हैं, लेकिन अब तक TET की योग्यता हासिल नहीं कर पाए हैं। ऐसे शिक्षकों को अब निर्धारित समय सीमा के भीतर परीक्षा पास करने के लिए गंभीरता से तैयारी करनी होगी, क्योंकि विभागीय स्तर पर उनकी स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी।

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RTE कानून से जुड़ा है मामला

गौरतलब है कि देश में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 लागू होने के बाद शिक्षक भर्ती के लिए TET को अनिवार्य किया गया था। लंबे समय तक यह नियम मुख्य रूप से नई नियुक्तियों पर लागू रहा। हालांकि विभिन्न राज्यों में इस विषय पर कानूनी विवाद भी चलते रहे। इसी बीच महाराष्ट्र से जुड़े एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए TET को सेवारत शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य माना, जिसके बाद राज्यों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

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शिक्षा बोर्ड को भी मिली जिम्मेदारी

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को भी इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभानी होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार TET परीक्षा का नियमित आयोजन सुनिश्चित करना होगा, ताकि सभी पात्र शिक्षकों को समय-समय पर परीक्षा देने का अवसर मिल सके।

समय रहते नहीं किया TET पास, तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा तक TET उत्तीर्ण करना अब केवल औपचारिकता नहीं बल्कि अनिवार्य शर्त है। यदि कोई शिक्षक तय अवधि तक आवश्यक योग्यता हासिल नहीं करता है, तो भविष्य में सरकार और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल शिक्षा विभाग का पूरा फोकस ऐसे शिक्षकों की पहचान करने, उन्हें परीक्षा के लिए प्रेरित करने और समय सीमा के भीतर TET पास करवाने पर है।

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