रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार कहर बरपा रहा है। प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच किन्नौर जिले में मीरु नाले ने रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ गईं। हाईवे बंद होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, जबकि दो वाहन भी मलबे की चपेट में आ गए।

अचानक उफान में आया मीरु नाला

जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चोलिंग के समीप स्थित मीरु नाले में अचानक जलप्रवाह बढ़ गया। तेज बहाव के साथ पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बहकर सीधे नेशनल हाईवे-5 पर आ गए।

 

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यह मलबा चोलिंग से आगे करछम की ओर स्थित असुरक्षित स्कूल भवन के पास सड़क पर फैल गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया।घटना के दौरान दो वाहन भी मलबे की चपेट में आ गए। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

हाईवे बहाल करने में जुटा प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया। हाईवे से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनरी तथा राहत दल मौके पर रवाना किए गए हैं। मार्ग बंद होने के कारण करछम की ओर जाने वाले वाहनों को फिलहाल रोक दिया गया है।

 

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प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी यातायात संबंधी एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।

भूस्खलन का खतरा बरकरार

लगातार हो रही बारिश के कारण किन्नौर जिले में भूस्खलन और नालों के उफान का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है और लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने का आग्रह किया है।

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