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July 1, 2026
हिमाचल के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का निधन, पांच बार जीते थे MLA का चुनाव- दिल्ली में ली अंतिम सांस
सरकार में कई अहम पदों पर निभाई जिम्मेदारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह का निधन हो गया है। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। खासकर सोलन जिला और नालागढ़ क्षेत्र में गहरा दुख और शोक का माहौल है, जहां वे लंबे समय से जनसेवा से जुड़े रहे थे। राजपरिवार से जुड़े लोगों, राजनीतिक हस्तियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
बता दें कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली में अंतिम सांस ली। वे 80 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे हिमाचल में शोक की लहर दौड़ गई है।
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राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय स्तर पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राजा विजेंद्र सिंह को प्रदेश की राजनीति में एक अनुभवी और जमीनी नेता के रूप में जाना जाता था। उनके निधन को हिमाचल की राजनीति के एक युग के अंत के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजा विजेंद्र सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। वे 1977, 1982, 1985, 1990 और 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए विधायक चुने गए थे।
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लगातार कई चुनावों में जीत दर्ज करना उनके मजबूत जनाधार और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। नालागढ़ क्षेत्र में उनका विशेष प्रभाव माना जाता था और वे लंबे समय तक वहां के विकास कार्यों से जुड़े रहे।
राजा विजेंद्र सिंह ने सिर्फ विधायक के रूप में ही नहीं बल्कि सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने मई 1982 से अप्रैल 1983 तक मुख्य संसदीय सचिव के रूप में कार्य किया।
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इसके बाद 1983-84 और फिर 1988-89 के दौरान वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री रहे। स्वास्थ्य विभाग में रहते हुए उन्होंने कई नीतिगत फैसलों में भूमिका निभाई और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
CM ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजा विजेंद्र सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा विजेंद्र सिंह ने विशेष रूप से सोलन जिले के नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विकास में अहम योगदान दिया।
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उन्होंने समाज कल्याण और जनहित के कई कार्य किए, जिन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति देने की कामना की।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजा विजेंद्र सिंह का व्यक्तित्व बेहद सरल, विनम्र और जनहित के प्रति समर्पित था। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लोगों के साथ आत्मीयता से जुड़े रहे और जनता के हर वर्ग के बीच उनकी अच्छी छवि थी। जयराम ठाकुर ने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
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नालागढ़ क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में उनके निधन से शोक का माहौल है। लोग उन्हें एक अनुभवी, शांत और विकासोन्मुख नेता के रूप में याद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए लंबे समय तक काम किया और कई बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में भूमिका निभाई।
परिवार और समर्थकों की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी जा रही है। बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। उनके निधन से हिमाचल की राजनीति में एक लंबे अनुभव वाले नेता का अध्याय समाप्त हो गया है।