कांगड़ा। हिमाचलल प्रदेश के जिला कांगड़ा में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रदेश सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में आज हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
आपदा प्रभावितों से मिले मंत्री विक्रमादित्य
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह पंचायत में उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना ही नहीं, बल्कि सभी प्रभावित परिवारों का जल्द से जल्द पुनर्वास सुनिश्चित करना भी है।
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लोगों की समस्याएं सुनी
दौरे के दौरान मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने उन परिवारों से बातचीत की, जिनके मकान भूस्खलन और भारी बारिश की वजह से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई परिवारों ने अपने घर, पशुधन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने प्रत्येक परिवार की बात ध्यान से सुनी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
हरसंभव मदद का दिया भरोसा
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पात्र परिवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता, अस्थायी आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं- ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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16 प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत सहायता
मंत्री ने राजा वीरभद्र सिंह फाउंडेशन की ओर से आपदा से प्रभावित सभी 16 परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ प्रभावित लोगों का मनोबल बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। सरकार और समाज दोनों मिलकर इस संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सड़क के लिए 1 करोड़ रुपये जारी...
बोह क्षेत्र में भारी बारिश के कारण सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से बोह सड़क के सुधार एवं मरम्मत कार्य के लिए एक करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही सामान्य हो सके और राहत सामग्री पहुंचाने में भी किसी तरह की बाधा न आए।
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राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
दौरे के दौरान मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की गई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
परिवारों को ना करना पड़े इंतजार
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को सरकारी सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना चाहिए। अगर किसी स्तर पर कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्वास कार्य केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन जीने योग्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
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क्षतिग्रस्त पुल का भी किया निरीक्षण
बोह पंचायत पहुंचने से पहले मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में चम्बी खड्ड पर क्षतिग्रस्त हुए पुल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मौके पर जाकर पुल की मौजूदा स्थिति देखी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पुनर्निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने मंत्री को प्रस्तावित कार्ययोजना और निर्माण प्रक्रिया से अवगत कराया।
ना बरती जाए ढिलाई
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुल के पुनर्निर्माण कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, इसलिए निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
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बारिश और लैंडस्लाइड से हुई थी भारी तबाही
गौरतलब है कि पिछले मंगलवार को कांगड़ा जिले की बोह घाटी में हुई भारी बारिश और भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचाई थी। पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण कई मकान इसकी चपेट में आ गए और अनेक परिवार बेघर हो गए।
कितना हुआ नुकसान?
प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में-
- 13 पक्के और 5 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त
- 9 गोशालाएं
- 2 भैंसों की मौत
- 4 गाय की मौत
- एक बैल की मौत
- एक भेड़ की मौत
- 3 महिलाए घायल
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सरकार ने दिलाया भरोसा
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित प्रत्येक परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत, पुनर्वास, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं की बहाली के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से लगातार क्षेत्र का दौरा करने और प्रभावित लोगों की जरूरतों पर नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।
