कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उपमंडल फतेहपुर के मकड़ोली से नाइजीरिया में काम करने गए व्यक्ति की हृदयाघात से मौत हो गई है। व्यक्ति अपने परिवार का एक मात्र सहारा था। उसकी मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
नाइजीरिया में कांगड़ा के व्यक्ति की मौत
बताया जा रहा है कि व्यक्ति दो साल पहले रोजगार की तलाश में नाइजीरिया गया था। इसी साल 25 मार्च को उसने अपने पैतृक गांव लौटना था। मगर अब उसका शव घर पहुंचा है- जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
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मार्च में पहली बार लौटना था घर
मिली जानकारी के अनुसार, 39 वर्षीय राजीव कुमार फतेहपुर के मकड़ोली का रहने वाला था। दो साल राजीव काम करने के लिए नाइजीरिया गया था। राजीव वहां पर एक लोहा फैक्ट्री में हेल्पर का काम करता था। नाइजीरिया जाने का बाद राजीव अभी तक एक बार भी घर नहीं लौटा था।
हृदयघात से हुई मौत
राजीव ने मार्च महीने में पहली बार अपने पैतृक गांव लौटना था। मगर बीती 10 फरवरी को नाइजीरिया के लागोस शहर में हृदयघात से उसकी मौत हो गई। राजीव की मौत के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। राजीव का पार्थिव शव बीते कल उसके पैतृक गांव पहुंचा- जिसे देखकर मौके पर चीख-पुकार मच गई।
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परिवार का था एकमात्र सहारा
राजीव अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। राजीव अपने परिवार की एकमात्र आय का स्रोत था। राजीव की मौत ने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों को बेसहारा कर दिया है। राजीव के दोनों बच्चे अभी छोटे हैं। राजीव की बेटी 11 साल और बेटा महज 6 साल का है। परिवार की बेबसी देखकर हर किसी की आंखें नम हैं।
6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
राजीव की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन है। मृतक के परिजन और ग्रामीण गहरे शोक में डूबे हुए हैं। राजीव का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव के शमशान घाट में किया गया। राजीव के 6 साल के मासूम बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। ग्रामीणों ने राजीव के परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग की है।
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