शिमला। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों पर्यटन उद्योग का हाल ठीक नहीं है। प्रदेश में बर्फबारी ना होने के कारण पर्यटन विभाग को गहरी चोट लगी है। वहीं, पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद थी कि सर्दियों के समय में अधिक पर्यटक राज्य में आएंगे, लेकिन इसका उल्टा हो रहा है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की संख्या में भारी गिरावट आई है और इससे संबंधित कारोबारियों के पास अब केवल टूरिस्ट का इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

महाकुंभ का भी हुआ है प्रभाव

वहीं, यदि हिमाचल के होटल कारोबारियों की माने तो पर्यटकों की आमद कम होने का सबसे बड़ा कारण महाकुंभ को माना जा रहा है। विदित रहे कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महाकुंभ को एक बड़े मेगा इवेंट के रूप में प्रचारित किया गया है। धार्मिक आस्था के चलते न केवल श्रद्धालु बल्कि कई सैलानी भी इस समय प्रयागराज की ओर रुख कर रहे हैं। इसके कारण हिमाचल में पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है और कारोबारियों की उम्मीदें अब पूरी होती नजर नहीं आ रही हैं।

यह भी पढ़ें : अलविदा किशन कपूर- बेटे ने दी मुखाग्नि, अंतिम विदाई पर नहीं थमे पत्नी और दोस्तों के आंसू

कांगड़ा में होटलों की कम ऑक्यूपेंसी

आंकड़े बताते हैं कि कांगड़ा जिले में इस समय होटलों की ऑक्यूपेंसी बहुत कम है, जो सिर्फ 4 से 5 प्रतिशत तक ही है। यह दर काफी नीचे गिर चुकी है, क्योंकि पहले जो पर्यटक हिमाचल आते थे वे अब महाकुंभ की वजह से सीधे प्रयागराज जा रहे हैं। इससे होटल और पर्यटन स्थल खाली पड़े हुए हैं, और कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : कार में चरस की खेप ले जा रहे थे दो दोस्त, बीच रास्ते में हुए अरेस्ट

सरकार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रणनीति बनाने की जरूरत

वहीं होटल कारोबारियों ने प्रदेश की सरकार से अपील करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और यहां ऐसी शानदार जगहें हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं। लेकिन इसके लिए सरकार को एक ठोस योजना बनानी होगी और इन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत है। यदि सरकार ऐसा करती है, तो पर्यटक अपनी छुट्टियों के लिए हिमाचल का रुख जरूर करेंगे और राज्य का पर्यटन उद्योग फिर से रफ्तार पकड़ सकेगा। 

पेज पर वापस जाने के लिए यहां क्लिक करें