शिमला। हिमाचल में हुई बर्फबारी से राज्य में भारी नुकसान हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि इस बार हल्की बर्फबारी से ही प्रदेश में 100 करोड़ के आसपास का नुकसान हुआ है। विभिन्न विभागों से मिली रिपोर्टों के अनुसार, PWD को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है जबकि अन्य विभागों का भी नुकसान हुआ है। हालांकि ये नुकसान अभी और भी बढ़ सकता है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आगामी सप्ताह में और बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिससे नुकसान बढ़ने की आशंका है।
बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्र और विभाग
- PWD का नुकसान: पीडब्ल्यूडी को 75 करोड़ रुपये के आसपास का नुकसान हुआ है, जो सबसे अधिक है।
- जलशक्ति और बिजली बोर्ड: इन विभागों को भी नुकसान हुआ है, हालांकि विस्तृत आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं।
- पंचायती राज विभाग: बर्फबारी से मनरेगा के तहत बने डंगे और छोटे रास्ते प्रभावित हुए हैं, जिनका नुकसान पंचायतों के माध्यम से रिपोर्ट किया जाएगा।
- ग्रामीण इलाकों में असर: ग्रामीण क्षेत्रों में बर्फबारी से कई योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनका आकलन पंचायतों द्वारा किया जा रहा है।
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मौसम की स्थिति
शिमला, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के पांगी क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी सप्ताह में इन क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे नुकसान में और वृद्धि हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मौसम की इस स्थिति को देखते हुए नुकसान के आंकड़े में बदलाव हो सकता है।
रिपोर्ट केंद्र भेजी गई
राज्य सरकार बर्फबारी से हुए नुकसान की रिपोर्ट मार्च महीने के अंत तक दिल्ली भेजेगी। इसके बाद, केंद्र सरकार से टीम हिमाचल पहुंचकर नुकसान का वास्तविक आकलन करेगी। इस आकलन के आधार पर राज्य को सहायता प्रदान की जाएगी।
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पिछले नुकसान का आकलन
- 2022 की प्राकृतिक आपदा: राज्य सरकार ने 2022 की प्राकृतिक आपदा के दौरान 12 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया था, लेकिन केंद्र से मदद को लेकर राज्य सरकार ने सवाल उठाए हैं।
- बरसात से नुकसान: पिछले साल की बरसात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम ने हिमाचल का दौरा किया था। इस दौरान PWD, जलशक्ति, बागवानी और कृषि विभाग को भारी नुकसान हुआ था।
