रिकांगपिओ। एक तरफ पूरा हिमाचल मानसून की दस्तक का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम बिना मानसून के ही अपने तेवर दिखाने लगा है। किन्नौर जिले में बुधवार तड़के बादल फटने की घटना ने लोगों को डरा दिया।
बादल फटने से तबाही
कुछ देर की तेज बारिश के बाद नाले में अचानक इतना पानी आया कि रास्ता ही बह गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
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अचानक मौसम ने ली करवट
उधर, राजधानी शिमला में भी मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह तक जहां धूप खिली हुई थी, वहीं कुछ ही देर बाद आसमान में बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। मौसम के इस बदलते मिजाज ने एक बार फिर लोगों को चौंका दिया है।
सवेरे-तड़के फटा बादल
जानकारी के अनुसार किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र में सुबह करीब चार बजे बादल फटने की घटना हुई। इसके बाद काचरंग नाले में फ्लैश फ्लड आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि ग्रामीणों के आने-जाने का रास्ता बह गया। प्रशासन के अनुसार घटना में किसी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
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तेज बारिश हो गई शुरू
राजधानी शिमला में सुबह करीब साढ़े दस बजे तक मौसम साफ रहा और हल्की धूप भी निकली। हालांकि इसके कुछ ही देर बाद मौसम ने करवट बदली और तेज बारिश शुरू हो गई। प्रदेश के अन्य कई क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 जून तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है। 25 और 28 जून को मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
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अब तक सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश
प्रदेश में मानसून की सामान्य एंट्री की तारीख 22 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार मानसून अभी तक हिमाचल नहीं पहुंच पाया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक भी मानसून के पहुंचने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 23 जून तक हिमाचल में सामान्य तौर पर 66.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज होती है, जबकि इस बार केवल 49.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। सोलन को छोड़कर अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
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बारिश नहीं हुई तो बढ़ गया तापमान
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों में कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति के केलांग में अधिकतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 22 डिग्री तक पहुंच गया।
वहीं सुंदरनगर का तापमान 35.5 डिग्री, भुंतर का 33.8 डिग्री और ऊना का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी शिमला में भी तापमान बढ़कर 25.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है।
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किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता
मानसून में हो रही देरी अब किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ाने लगी है। खेती और बागवानी से जुड़े लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मानसून और अधिक देर से पहुंचा तो इसका असर फसलों और बागवानी गतिविधियों पर पड़ सकता है। फिलहाल मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हल्की बारिश की संभावना जताई है, लेकिन मानसून की रफ्तार धीमी रहने के संकेतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
