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August 7, 2026
सांसद अनुराग ठाकुर ने लिखी CM सुक्खू को चिट्ठी, धार्मिक मामले पर जताई चिंता- जानें
सांसद बोले- लोगों की धार्मिक भावनाएं हो रही आहत
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालकनाथ मंदिर, शाहतलाई के मुख्य मार्ग से मीट-मांस, मछली और शराब की दुकानों को हटाने की मांग अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी जोर पकड़ने लगी है। हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने इस संबंध में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखा है।
अनुराग ठाकुर ने मंदिर मार्ग पर संचालित इन दुकानों को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का आग्रह किया है। सांसद का कहना है कि मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और क्षेत्र की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में उचित कदम उठाया जाना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने अपने पत्र में कहा कि सिद्ध पीठ बाबा बालकनाथ मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां हर साल देश-विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। ऐसे में मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग पर मीट-मांस, मछली और शराब की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की भावनाओं के लिए सही नहीं।
उन्होंने CM सुक्खू से आग्रह किया कि इन दुकानों को बंद करने के बजाय किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। ऐसा करने से व्यापारियों के हित भी प्रभावित नहीं होंगे और मंदिर क्षेत्र की धार्मिक गरिमा भी बनी रहेगी। उनका मानना है कि इससे मंदिर परिसर और मुख्य मार्ग का वातावरण अधिक श्रद्धामय और स्वच्छ रहेगा।
पत्र में अनुराग ठाकुर ने यह भी उल्लेख किया है कि धार्मिक स्थलों के आसपास साफ-सुथरा और श्रद्धा के अनुरूप वातावरण बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु जब किसी सिद्ध पीठ या मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं- तो वे चाहते हैं कि पूरा मार्ग धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल के अनुरूप हो। ऐसे में मीट-मांस और शराब की दुकानों की मौजूदगी कई श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
वहीं, सांसद के पत्र के सार्वजनिक होने के बाद शाहतलाई क्षेत्र के स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अगर राज्य सरकार इस मांग को स्वीकार करती है तो मंदिर मार्ग पर स्थित कई दुकानों को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करना पड़ सकता है। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में व्यापारी और स्थानीय लोग सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। अगर सरकार मंदिर मार्ग से इन दुकानों को स्थानांतरित करने का फैसला लेती है- तो शाहतलाई में मंदिर क्षेत्र की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर, इस फैसले का स्थानीय व्यापारियों, श्रद्धालुओं और प्रशासन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर भी सभी की नजरें बनी रहेंगी।