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June 24, 2026

हिमाचल : मिस्त्री के बेटे ने यूरोप में रचाई शादी, करता है शेफ का काम- नवंबर में लौटेगा घर

एक ही रिसॉर्ट में कार्यरत हैं दोनों

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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अक्सर कहा जाता है कि रिश्ते और जोड़ियां ऊपर वाला तय करता है, लेकिन कभी-कभी ये जोड़ियां हजारों किलोमीटर की दूरियां भी पार कर लेती हैं।

यूरोप की युवती बनी छोटी काशी की बहू

मंडी जिले के कोटली क्षेत्र के एक युवक ने यूरोपीय देश एस्टोनिया की युवती के साथ विवाह कर एक नई मिसाल पेश की है। इस अंतरराष्ट्रीय विवाह की खबर सामने आने के बाद न केवल परिवार में बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों के बीच यह शादी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है और लोग नवदंपति को शुभकामनाएं दे रहे हैं।

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यूरोप में हुई दोनों की शादी

कोटली उपमंडल के अंतर्गत आने वाले तरेहड़ गांव के 26 वर्षीय विश्वजीत सिंह ने एस्टोनिया के टारटू शहर की 24 वर्षीय युवती ननरा के साथ विवाह किया है। दोनों ने 21 जून को टारटू में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह समारोह में एक-दूसरे का हाथ थामा।

 

शादी के बाद दोनों की तस्वीरें और खबर जैसे ही गांव पहुंची, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीण इस अनोखे रिश्ते को लेकर उत्साहित हैं और इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय मान रहे हैं।

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साधारण परिवार से निकलकर विदेश में बनाई पहचान

विश्वजीत सिंह का संबंध एक साधारण परिवार से है। उनके पिता हुकम चंद मेहनत-मजदूरी और मिस्त्री का कार्य करते हैं, जबकि माता दया देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटे की शिक्षा और भविष्य को लेकर हमेशा सकारात्मक सोच रखी।

 

दिल दा मामला है! यूरोप की 24 वर्षीय युवती ननरा बनी हिमाचल की बहू

करता है शेफ का काम

विश्वजीत ने चंडीगढ़ से होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा प्राप्त किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने विदेश में बेहतर अवसरों की तलाश शुरू की और वर्ष 2021 में अपने मामा तारा चंद के साथ वर्किंग वीजा पर एस्टोनिया चले गए।

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मेहनत के दम पर बने मास्टरशेफ

विदेश पहुंचने के बाद विश्वजीत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर होटल इंडस्ट्री में पहचान बनाई। वर्तमान में वह एस्टोनिया के एक प्रतिष्ठित रिसॉर्ट में मास्टरशेफ के रूप में कार्यरत हैं। उनके पाक-कौशल और कार्यकुशलता ने उन्हें वहां एक सम्मानजनक स्थान दिलाया है। परिवार और गांव के लोगों का कहना है कि विश्वजीत बचपन से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे हैं। विदेश में भी उन्होंने अपनी लगन से सफलता हासिल की।

कार्यस्थल पर हुई दोस्ती, फिर प्यार में बदला रिश्ता

जानकारी के अनुसार ननरा भी उसी रिसॉर्ट में कार्यरत हैं, जहां विश्वजीत नौकरी करते हैं। साथ काम करने के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे एक-दूसरे को समझने का अवसर मिला।

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समय के साथ उनकी दोस्ती मजबूत होती गई और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। कई वर्षों तक एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद दोनों ने विवाह का निर्णय लिया। परिवारों की सहमति मिलने के बाद यह रिश्ता शादी के बंधन में बंध गया।

नवंबर में हिमाचल आएगा नवदंपति

परिवार के सदस्यों के अनुसार नवविवाहित जोड़ा इसी वर्ष नवंबर माह में हिमाचल प्रदेश आएगा। गांव में उनके स्वागत की तैयारियों को लेकर अभी से उत्साह देखा जा रहा है। परिजन और ग्रामीण बेसब्री से दोनों के आने का इंतजार कर रहे हैं। विश्वजीत की मौसी भिंतरा देवी ने बताया कि परिवार इस विवाह से बेहद खुश है और सभी चाहते हैं कि नवदंपति गांव आकर अपने लोगों के बीच कुछ समय बिताए।

 

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पंचायत में पहली बार हुआ ऐसा विवाह

कोट पंचायत के प्रधान धर्मपाल ने बताया कि पंचायत के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी स्थानीय युवक ने विदेशी युवती के साथ विवाह किया है। यही कारण है कि यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

उन्होंने कहा कि यह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो अलग-अलग संस्कृतियों और देशों के बीच बने रिश्ते का भी प्रतीक है। पंचायत की ओर से नवदंपति को उज्ज्वल भविष्य और सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दी गई हैं।

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सीमाओं से परे रिश्तों की नई मिसाल

विश्वजीत और ननरा की कहानी यह साबित करती है कि प्रेम भाषा, संस्कृति और भौगोलिक सीमाओं का मोहताज नहीं होता। अलग-अलग देशों में जन्मे दो लोगों का एक-दूसरे के प्रति विश्वास और सम्मान उन्हें जीवनभर के रिश्ते में जोड़ सकता है।

 

मंडी के एक छोटे से गांव से शुरू हुई यह कहानी आज लोगों के लिए प्रेरणा और चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के लोग इसे गर्व और खुशी के साथ देख रहे हैं और नवदंपति के सुखद भविष्य की कामना कर रहे हैं।

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